अनाधिकृत एप के जरिए करोड़ों के अवैध ट्रांजैक्शन करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पुलिस ने किया भंडाफोड़, भारी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और नगदी बरामद, सरगना सहित छह अभियुक्त गिरफ्तार

हल्द्वानी:- नैनीताल जनपद की मुखानी थाना पुलिस, एसओजी व साइबर टीम ने म्यूल बैंक खातों व अनाधिकृत ऐप के जरिए करोड़ों के अवैध ट्रांजेक्शन करने वाले अंतर्राष्ट्रीय साईबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुख्य सरगना सहित छह अभियुक्त गिरफ्तार किए हैं।
दो विधि-विवादित किशोर निरुद्ध किए गए हैं। पुलिस ने भारी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप, आईपैड, 2 दर्जन एटीएम कार्ड, 12 सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, एवं लाखों रुपये बरामद किए। गिरोह द्वारा चार महीने में अब तक 5 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर ठगी की है।
एसएसपी डॉ मंजूनाथ टीसी ने आज इसका खुलासा किया। पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड द्वारा साइबर अपराधियों, म्यूल बैंक खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों व अवैध नकदी निकासी के विरुद्ध चलाए जा रहे राज्यव्यापी विशेष अभियान ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026 के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ० मंजुनाथ टीसी के निर्देशानुसार जनपद में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में दिनांक पांच सितम्बर 2026 की रात्रि को एसपी क्राइम डॉ० जगदीश चंद्र, एसपी सिटी मनोज कत्याल, एसएसपी/सीओ हल्द्वानी अमित सैनी के पर्यवेक्षण में कोतवाली मुखानी पुलिस, एसओजी तथा साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त सटीक सूचना के आधार पर लक्ष्मण विहार कॉलोनी (थाना मुखानी क्षेत्र) स्थित एक मकान पर त्वरित छापेमारी की गई, जिसमें बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है।

मौके से अवैध साईबर वित्तीय नेटवर्क का संचालन कर रहे मुख्य सरगना राहुल यादव (निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश) समेत कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा 2 विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया।
मामले में कोतवाली मुखानी में धारा- 66 (सी), 66 (डी) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम एवं 3 (5), 318 (4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) पंजीकृत कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
क्रिप्टोकरेंसी की खरीद-फरोख्तः मुख्य अभियुक्त राहुल यादव बाइनेंस (Binance) ऐप के जरिए नगद पैसे जुटाकर USDT खरीदता था।
अनधिकृत ‘UMASTER’ ऐप का प्रयोगः * बिना किसी वैध दस्तावेज, केवाईसी या स्रोत सत्यापन के टेलीग्राम के जरिए प्राप्त अनधिकृत ऐप UMASTER पर प्रतिदिन 4 से 5 लाख रुपये मूल्य की USDT को 3% अतिरिक्त मुनाफे और बोनस के लालच में बेचा जाता था।
अवैध रूप से प्राप्त धनराशि को निकलने के लिए (लेयरिंग) करने के लिए संलिप्त गिरोह द्वारा स्थानीय युवकों को 3% कमीशन का लालच देकर भोले-भाले लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक, हासिल किए जाते थे। गिरोह के सदस्य इन म्यूल खातों से एटीएम के माध्यम से कैश विड्रॉल करते थे तथा अधिक नकदी होने पर कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के माध्यम से अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। खाताधारकों के सिम कार्ड भी गिरोह अपने पास रखता था ताकि खाताधारक कोई धोखाधड़ी न कर सके।
गिरफ्तार अभियुक्तों में राहुल यादव (उम्र 30 वर्ष) पुत्र अजय यादव, निवासी पंचवटी नगर, इंदौर, मध्य प्रदेश गैंग लीडर/मुख्य संचालक पूर्व में थाना इंदौर ग्रामीण में धारा 420/409 भादवि में जेल जा चुका है। हर्षित कुमार (उम्र 26 वर्ष) पुत्र भरतवीर, निवासी गैस गोदाम रोड, शिव विहार, मुखानी, नैनीताल एटीएम विड्रॉल व सीडीएम डिपाजिट कार्य) कमल गोस्वामी (उम्र 21 वर्ष) पुत्र नवीन गोस्वामी, निवासी तल्ली दीनी, मुक्तेश्वर, नैनीताल (कमीशन पर म्यूल खाते उपलब्ध कराने वाला),
साहिल कुमार (उम्र 21 वर्ष) पुत्र स्व० जीवन राम, निवासी काण्डा, बागेश्वर; हाल निवासी दमुवाढुंगा, नैनीताल (म्यूल खाते उपलब्ध कराने वाला), मौ० अयान (उम्र 20 वर्ष) पुत्र मौ० यामीन, निवासी ग्राम कोरबकू, भोजपुर, मुरादाबाद (उ०प्र०) (इन्वेस्टर) मौ० शुभान (उम्र 24 वर्ष) पुत्र वाजिद हुसैन, निवासी ग्राम सलारपुरकला, सम्भल (उ०प्र०) इन्वेस्टर) शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त 02 वांछितों की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं। दो विधि-विवादित किशोर संरक्षण में लिए गए। (दोनों किशोरों को बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के संरक्षण में अग्रिम विधिक कार्यवाही हेतु प्रस्तुत किया गया है)
इनके पास से नकदी:- कुल 1,18,800 रुपए बरामद की गई।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण- 01 डेल (Dell) लैपटॉप मय चार्जर, 01 एप्पल आईपैड, 11 आधुनिक स्मार्ट मोबाइल फोन (I Phone 17 Pro, I Phone 14 Pro, Samsung Galaxy S24, S22 Ultra, आदि) बैंकिंग दस्तावेज व सामग्री में 24 विभिन्न बैंकों के सक्रिय एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 एक्टिव सिम कार्ड (विभिन्न कंपनियों के), 06 चेकबुक,डेबिट कार्ड, 04 पासबुक एवं 16 बैंक जमा/सीडीएम पर्चियां।
एसएसपी नैनीताल ने पुलिस टीम के उत्साह वर्धन हेतु 2500 रुपए नगद इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में कोतवाली मुखानी पुलिस: उप निरीक्षक विरेन्द्र चन्द, कांस्टेबल सुनील आगरी, कांस्टेबल दिगम्बर ज्याला,एसओजी नैनीताल के उपनिरीक्षक मोहन सौन (प्रभारी एसओजी), हेड कांस्टेबल त्रिलोक रौतेला, हेड कांस्टेबल कुन्दन कठायत, कांस्टेबल भूपेन्द्र ज्येष्ठा, कांस्टेबल भानू प्रताप ओली, कांस्टेबल अशोक रावत, कांस्टेबल अरविन्द सिंह शामिल थे। साइबर सेल नैनीताल के उप निरीक्षक मीनू गौतम (प्रभारी साइबर सेल), एएसआई बिहारीलाल कुशवाहा, हेड कांस्टेबल शिवेन्द्र बोरा, हेड कांस्टेबल परमदीप सिंह, कांस्टेबल नरेन्द्र धामी को भी टीम में शामिल किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी ने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को कमीशन या पैसों के लालच में आकर अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक अथवा एटीएम कार्ड प्रयोग के लिए न दें। साइबर ठगी में प्रयुक्त पाए जाने पर खाताधारक के विरुद्ध भी कठोर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाती है। किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।







