कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने विभिन्न मामलों में की जनसुनवाई, टुकटुक की अवैध रूप से बिक्री और बिना पंजीकरण दौड़ रहे वाहनों को लेकर सख्ती, परिवहन विभाग को दिए कार्रवाई के निर्देश

हल्द्वानी:- कुमाऊं कमिश्नर एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने हल्द्वानी में अवैध रूप से टुक-टुक की बिक्री और बिना पंजीकरण सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों के मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने शहर में संचालित करीब 4000 टुक-टुक के पंजीकरण की जांच करने, अवैध रूप से वाहन बेचने वाले स्थानों और दुकानों पर छापेमारी करने तथा बिना पंजीकरण पाए जाने वाले वाहनों को सीज करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वैध बिक्री लाइसेंस के व्यावसायिक रूप से वाहन बेचना और बिना पंजीकरण उन्हें सड़क पर चलाना कानूनन अपराध है।
शनिवार को हल्द्वानी स्थित कैम्प कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान आयुक्त दीपक रावत ने वसूली, प्रधानमंत्री आवास योजना, भवन निर्माण में अवैध वसूली, नक्शा पास कराने में देरी, भूमि पर कब्जे और वाहन खरीद में धोखाधड़ी समेत विभिन्न मामलों की सुनवाई की। कई मामलों का दोनों पक्षों की सहमति से मौके पर ही समाधान कराया गया।

जनसुनवाई में सुरेश मौर्य ने शिकायत की कि उन्होंने जमीर अहमद से टुक-टुक खरीदा था, लेकिन संबंधित फर्म का व्यावसायिक लाइसेंस नवीनीकृत नहीं होने के कारण वाहन का पंजीकरण नहीं हो पाया। आयुक्त ने जमीर अहमद को तलब कर पूछताछ की तो पता चला कि उनके द्वारा कई लोगों को टुक-टुक बेचे गए हैं, लेकिन उनका पंजीकरण नहीं हो सका। इस पर आयुक्त ने खरीदारों की धनराशि वापस करने के निर्देश दिए। आयुक्त के हस्तक्षेप पर सुरेश मौर्य को मौके पर ही 25 हजार रुपये वापस दिलाए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि धनराशि वापस नहीं करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एक अन्य मामले में रोहित कुमार निवासी विठौरिया ने टुक-टुक खरीद में धोखाधड़ी की शिकायत की। आयुक्त ने संबंधित पक्ष को एक सप्ताह के भीतर वाहन का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही एआरटीओ को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
जनसुनवाई में रामडी आनसिंह स्थित वर्षों से बंद पड़े पारंपरिक घराट (पनचक्की) के पुनरुद्धार का मामला भी उठा। ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़ ने इस ऐतिहासिक धरोहर को फिर से शुरू कराने का अनुरोध किया। आयुक्त ने मुख्य अभियंता सिंचाई एसके शुक्ला को तलब कर घराट के संबंध में जानकारी ली और शीघ्र पुनर्निर्माण का एस्टीमेट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक घराट उत्तराखंड की अमूल्य और पर्यावरण अनुकूल धरोहर हैं। इनके पुनरुद्धार से संस्कृति का संरक्षण होने के साथ स्थानीय लोगों को पौष्टिक आटा मिलेगा और महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार का अवसर भी मिलेगा
घोड़े की मौत के बाद बीमा राशि नहीं मिलने पर जांच के आदेश
ओखलकांडा के ग्राम बड़ौन निवासी गणेश सिंह ने घोड़े की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी से बीमा राशि नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी से जवाब तलब किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि घोड़े का बीमा नहीं हुआ था तो पशुपालक को समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। आयुक्त ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को विभागीय जांच कराने तथा अपर निदेशक पशुपालन कुमाऊं मंडल आरएस को भी प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
माला फतेहपुर निवासी गरिमा रावत ने शिकायत की कि कई बार अनुरोध के बावजूद क्षेत्रीय लेखपाल उन्हें उनकी भूमि के अंश और विवरण की जानकारी नहीं दे रहे हैं। इस पर आयुक्त ने लेखपाल को फटकार लगाते हुए तीन दिन के भीतर भूमि का अंश निकालकर शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अवधि में लेखपाल को अवकाश नहीं लेने के निर्देश भी दिए।
जनसुनवाई में वाहन स्वामियों द्वारा आरटीओ कार्यालय में स्वामित्व हस्तांतरित कराए बिना वाहन बेचने के मामले भी सामने आए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि वाहन बेचने से पहले नियमानुसार स्वामित्व हस्तांतरण अनिवार्य है। मनवीर सिंह निवासी ईसाईनगर लामाचौड़ के मामले में वाहन बिना ट्रांसफर किए बेचे जाने की पुष्टि होने पर आयुक्त ने एआरटीओ को नियमानुसार 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहन का ट्रांसफर नहीं होने की स्थिति में भविष्य में होने वाली दुर्घटना को लेकर भी संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इसके अलावा जनसुनवाई में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने, प्राधिकरण में नक्शा पास कराने में देरी, 42 लाख रुपये देने के बावजूद प्लॉट नहीं मिलने, भूमि पर जबरन कब्जा करने और विद्युत पोल हटाने से संबंधित शिकायतें भी आईं। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










