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चारधाम यात्रा में वीआईपी दर्शन को लेकर लागू की गई शुल्क व्यवस्था फिलहाल स्थगित, सामान्य श्रद्धालुओं को प्राथमिकता देने की कोशिश

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देहरादून:-  बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में प्रोटोकॉल के तहत आने वाले वीआईपी अतिथियों के प्राथमिक दर्शन के लिए लागू की गई शुल्क व्यवस्था को फिलहाल स्थगित कर दिया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने यह निर्णय लेते हुए स्पष्ट किया है कि अब इस व्यवस्था को लेकर विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जाएगी और अगले वर्ष से निर्धारित नियमों के तहत इसे पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा।

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दरअसल, चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में वीआईपी अतिथियों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ। इसके चलते सामान्य श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी तरह की असुविधा न हो और उनकी प्राथमिकता बनी रहे, इसे देखते हुए बीकेटीसी ने प्रोटोकॉल के अंतर्गत आने वाले वीआईपी यात्रियों के प्राथमिक दर्शन के लिए 1100 रुपये प्रति यात्री शुल्क निर्धारित किया था।

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सामान्य श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने की कोशिश

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मंदिर समिति का कहना है कि शुल्क व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य वीआईपी दर्शन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि धामों में दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित करना और सामान्य श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देना था। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण मंदिरों में दर्शन व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव रहता है। ऐसे में प्रोटोकॉल के तहत आने वाले अतिथियों के लिए अलग व्यवस्था से सामान्य यात्रियों की दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसका प्रयास किया गया।

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हालांकि अब दूसरे चरण की यात्रा में प्राथमिक दर्शन के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा। बीकेटीसी का फोकस आगामी यात्रा वर्ष के लिए एक स्पष्ट और व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करने पर है।

बदरीनाथ से 1.63 करोड़ और केदारनाथ से 67.37 लाख की आय

इस वर्ष लागू की गई प्राथमिक दर्शन शुल्क व्यवस्था से मंदिर समिति को उल्लेखनीय राजस्व भी प्राप्त हुआ है। बीकेटीसी के अनुसार अब तक बदरीनाथ धाम में वीआईपी प्राथमिक दर्शन से 1 करोड़ 63 लाख 11 हजार 900 रुपये, जबकि केदारनाथ धाम में 67 लाख 37 हजार 500 रुपये की आय प्राप्त हुई है। इस तरह दोनों धामों से प्राथमिक दर्शन शुल्क के माध्यम से मंदिर समिति को कुल 2 करोड़ 30 लाख 49 हजार 400 रुपये की आय हुई है।

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चारधाम यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सामान्य श्रद्धालुओं के साथ दर्शन व्यवस्था को लेकर संदेश दिया था। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री मुख्य द्वार से सामान्य श्रद्धालुओं की कतार के साथ मंदिर में पहुंचे और कुछ ही मिनट में गर्भगृह के दर्शन कर बाहर आए।

मुख्यमंत्री के इस कदम को सामान्य श्रद्धालुओं को प्राथमिकता देने की व्यवस्था के तौर पर भी देखा गया। इसके बाद से ही धामों में वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि दूसरे चरण की यात्रा में वीआईपी अतिथियों के प्राथमिक दर्शन के लिए शुल्क व्यवस्था को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष के लिए पूरी व्यवस्था की गाइडलाइन तैयार की जाएगी, ताकि वीआईपी दर्शन से संबंधित प्रक्रिया स्पष्ट, पारदर्शी और व्यवस्थित हो।

उन्होंने कहा कि मंदिर समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता सामान्य श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना है। वीआईपी या प्रोटोकॉल दर्शन की व्यवस्था भी इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर निर्धारित की जाएगी।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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