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स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर तबादलों की तैयारी, लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार

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देहरादून:-  स्वास्थ्य विभाग में जल्द ही बड़े पैमाने पर तबादले होने की संभावना है। इस बार स्थानांतरण प्रक्रिया केवल चिकित्सा अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विभिन्न संवर्गों के चिकित्सकों और अधिकारियों को भी इसके दायरे में लाने की तैयारी चल रही है। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सक्रिय, संतुलित और जवाबदेह बनाना है।

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सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात डॉक्टरों, अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों की सूची तैयार की जा रही है। स्थानांतरण नीति के तहत ऐसे कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में संतुलन और कार्यकुशलता लाई जा सके।

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सुगम-दुर्गम नीति का होगा सख्ती से पालन

इस बार तबादलों में सुगम और दुर्गम क्षेत्र नीति का कड़ाई से पालन किए जाने की तैयारी है। वर्षों से मैदानी क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों को पर्वतीय और दुर्गम इलाकों में भेजा जा सकता है, जबकि लंबे समय से दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे डॉक्टरों को सुगम क्षेत्रों में तैनाती का अवसर मिलने की संभावना है।

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इसके अलावा स्वास्थ्य निदेशालय, जिला अस्पतालों और प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में लंबे समय से तैनात अधिकारियों और चिकित्सकों के तबादले भी प्रस्तावित हैं। विभाग का मानना है कि नियमित स्थानांतरण से कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा आएगी और जिम्मेदारियों का बेहतर बंटवारा हो सकेगा।

एक ही स्थान पर तैनाती से बिगड़ा संतुलन

स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से स्थानांतरण प्रक्रिया प्रभावित रहने के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आती रही हैं। एक ही स्थान पर वर्षों तक तैनाती रहने से कार्यप्रणाली में ठहराव आया, जबकि मैदानी क्षेत्रों और बड़े अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही। दूसरी ओर, पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और चिकित्सा अधिकारियों की कमी लगातार बनी रही।

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इस असंतुलन का सीधा असर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा, जहां मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

लगातार पारदर्शी तबादलों की उठती रही मांग

चिकित्सक और कर्मचारी संगठन भी लंबे समय से स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि एक ही स्थान पर वर्षों से जमे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए समय-सीमा तय होनी चाहिए और स्थानांतरण नीति का समान रूप से पालन किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य व्यवस्था को सक्रिय बनाने पर सरकार का फोकस

सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से बनी सुस्ती को खत्म कर व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के पक्षधर हैं। इसी उद्देश्य से स्थानांतरण प्रक्रिया को व्यापक और पारदर्शी बनाने की तैयारी की जा रही है।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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