गोरापड़ाव में हुई लाखों की डकैती में चार और आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, कब्जे से चार तमंचे कारतूस और नगदी बरामद, अन्य की तलाश जारी

हल्द्वानी:- बीती 19 अगस्त को गोरापड़ाव में हथियारों के बल पर हुई लाखों रुपये की डकैती के मामले में नैनीताल पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई क्रेटा और स्कॉर्पियो कार, चार अवैध तमंचे, सात जिंदा कारतूस और 18 हजार रुपये की नकदी बरामद की है। इससे पहले पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस तरह मामले में अब तक छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में यश सिडाना निवासी किच्छा, अमनदीप सिंह निवासी जैतपुर गांव नई दिल्ली, शिवराज सिंह निवासी अमरिया पीलीभीत और अफजल मलिक निवासी अमरिया पीलीभीत शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने डकैती की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317 (2) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 की बढ़ोतरी की गई है।
19 अगस्त की शाम हथियारबंद बदमाशों ने बोला था धावा
पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त की शाम डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र के गोरापड़ाव में 10-12 हथियारबंद लोगों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।

मामले में वादी नारायण दास निवासी अंबा बिहार, तीनपानी हल्द्वानी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके कार्यालय/गैराज में हथियारबंद बदमाशों ने डकैती डाली। आरोप है कि बदमाश वादी और उसके परिचितों से करीब आठ लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन, तीन सोने की चेन और अंगूठियां समेत अन्य सामान लूटकर फरार हो गए।
तहरीर के आधार पर हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 284/2026 के तहत बीएनएस की धारा 310 (2) में 10 अज्ञात हथियारबंद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता को सौंपी गई।
एसएसपी ने गठित की 50 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के खुलासे के लिए करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की।
टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी समेत विभिन्न थानों के प्रभारी, एसओजी, साइबर टीम और क्राइम विशेषज्ञों को शामिल किया गया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए बीडीएस डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों की भी मदद ली गई।
एसएसपी ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस टीमों को अलग-अलग टास्क सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुलती गई बदमाशों की कड़ी
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही सर्विलांस, सुरागरसी और पतारसी के जरिए संदिग्धों गतिविधियों पर नजर रखी गई।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आए आरोपियों में से वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखवीर सिंह को 21 अगस्त को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके बाद अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों को दूसरे राज्यों में भी भेजा गया।
दिल्ली से लेकर किच्छा तक दबिश, चार गिरफ्तार
लगातार मिल रही जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से दबोचा। अमनदीप सिंह और शिवराज सिंह को 22 अगस्त को दिल्ली के डीएनडी फ्लाईओवर-जैतपुर मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। वहीं यश सिडाना को 23 अगस्त को हल्द्वानी से और अफजल मलिक को 23 अगस्त को किच्छा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल वाहन और हथियार बरामद किए हैं।
आरोपी से क्या-क्या हुआ बरामद
पुलिस के अनुसार, यश सिडाना के कब्जे से क्रेटा कार संख्या यूके 06 बीई-9091, 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। अमनदीप सिंह से स्कॉर्पियो कार संख्या डीएल 1 सीए-1984, 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। शिवराज सिंह के कब्जे से 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। वहीं अफजल मलिक से 18 हजार रुपये नकद, 12 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 की बढ़ोतरी की है।
एक आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड आया सामने
पुलिस के अनुसार, यश सिडाना के खिलाफ किच्छा थाने में वर्ष 2022 में धारा 323, 341, 504 और 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डकैती की पूरी साजिश किसने रची थी, लूट की रकम और अन्य सामान का क्या हुआ तथा वारदात में शामिल बाकी आरोपियों की भूमिका क्या थी।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी
पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।









