छोटा कैलाश में महाशिवरात्रि मेला 14 फरवरी से, तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस, मंदिर समिति ने की संयुक्त बैठक


भीमताल:- छोटा कैलाश में इस वर्ष महाशिवरात्रि मेला 14 फरवरी से भव्य रूप में आयोजित होगा। मेले की तैयारियों को लेकर बीते दिवस बुधवार को जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, मंदिर समिति, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और मूलभूत सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा जिम्मेदारियां तय की हैं।

प्रशासन ने इस बार मेले को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। पहली बार मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से पूरे आयोजन की निगरानी की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल के साथ-साथ एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमें भी तैनात रहेंगी।
मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मार्गों पर पर्याप्त बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, स्वच्छता बनाए रखने के लिए मोबाइल शौचालय स्थापित किए जाएंगे। पेयजल की व्यवस्था जल निगम द्वारा की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन ने पार्किंग व्यवस्था का निर्धारण
यातायात को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर लिया है। भीमताल की ओर से आने वाले चौपहिया वाहन बानना स्थित ओपन थिएटर में पार्क किए जाएंगे। दोपहिया वाहन भटेलिया की निजी पार्किंग में खड़े किए जाएंगे। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें।
ज्येष्ठ प्रमुख उमेश पलड़िया और पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनिल चनौतिया ने कहा कि मेले की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों देख रेख में कार्य चल रहा है। उनका कहना है कि यह मेला क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है, इसलिए इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
एसडीएम नवाजिश खलीक और एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्रा ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएंगी और मेले को शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाएगा।
बैठक में त्रिलोचन पलड़िया, खष्टी राघव, कोतवाल राजेश यादव, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश कुमार, कमलेश भट्ट, जीत सिंह सम्मल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।








