Medical
उत्तराखण्डदेहरादून

जून माह में नहीं मिलेगी विद्युत उपभोक्ताओं को राहत, यूपीसीएल ने जारी की (एफपीपीसीए) की नई दरें

ADVERTISEMENTS Ad

देहरादून:-  प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को जून महीने में भी राहत नहीं मिलने वाली है। मई में बढ़े हुए बिजली बिलों के बाद अब जून के बिल में भी अतिरिक्त भुगतान करना होगा। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने जून माह के लिए ईंधन एवं बिजली खरीद लागत समायोजन (एफपीपीसीए) की नई दरें जारी कर दी हैं, जो एक जून से 30 जून तक लागू रहेंगी।

ADVERTISEMENTS Ad

यूपीसीएल द्वारा जारी आदेश के अनुसार नई एफपीपीसीए दरों का असर सीधे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों पर दिखाई देगा और जून माह में जारी होने वाले बिलों में इसकी वसूली की जाएगी।

ADVERTISEMENTS Ad

क्या है एफपीपीसीए?

एफपीपीसीए (Fuel and Power Purchase Cost Adjustment) वह व्यवस्था है जिसके तहत बिजली वितरण कंपनियां बाजार से खरीदी गई बिजली की वास्तविक लागत और नियामक आयोग द्वारा तय लागत के बीच के अंतर को उपभोक्ताओं से वसूलती हैं।

यह भी पढ़ें 👉  राज्य कर विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल, 119 अधिकारियों का स्थानांतरण, नयी तैनाती में शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश

यदि बाजार में बिजली की खरीद निर्धारित दरों से महंगी होती है तो अतिरिक्त भार उपभोक्ताओं पर डाला जाता है। वहीं यदि बिजली सस्ती दरों पर खरीदी जाती है तो उपभोक्ताओं को राहत भी दी जाती है।

गर्मियों में बढ़ी बिजली की लागत

गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने के कारण यूपीसीएल को खुले बाजार से अधिक कीमत पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। यही वजह है कि जून माह के लिए एफपीपीसीए दरों में बढ़ोतरी की गई है।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि गर्मियों के दौरान बिजली की मांग चरम पर पहुंच जाती है, जिससे एक्सचेंज और खुले बाजार में बिजली की कीमतें बढ़ जाती हैं। इसका सीधा असर बिजली वितरण कंपनियों की खरीद लागत पर पड़ता है।

मई में भी बढ़े थे बिल

उपभोक्ताओं को मई माह में भी एफपीपीसीए के कारण अधिक बिजली बिल चुकाना पड़ा था। अब लगातार दूसरे महीने अतिरिक्त भार पड़ने से घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।

यह भी पढ़ें 👉  मौसम: 2 और 3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी, जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अलर्ट रहने के दिए निर्देश, आपात स्थिति में करें हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क----

यूपीसीएल के मुख्य अभियंता (व्यावसायिक) एनएस बिष्ट की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नई एफपीपीसीए दरें जून माह की बिलिंग में लागू की जाएंगी।

उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ

लगातार बढ़ती एफपीपीसीए दरों का असर लाखों बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। पहले से बढ़ती महंगाई के बीच बिजली बिल में अतिरिक्त राशि जुड़ने से आम उपभोक्ताओं का मासिक बजट प्रभावित होने की संभावना है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में बाजार में बिजली की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो उपभोक्ताओं को आगे भी राहत मिलना मुश्किल हो सकता है । फिलहाल जून माह में उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर बढ़े हुए बिजली बिल के लिए तैयार रहना पड़ेगा।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉