Medical
उत्तराखण्डनैनीताल

जिला प्रशासन ने किया मॉक ड्रिल का आयोजन: एक साथ पांच अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाएं, संबंधित विभागों ने राहत एवं बचाव कार्य किया शुरू

ADVERTISEMENTS Ad

हल्द्वानी/नैनीताल:- भारी बारिश के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए नैनीताल जिला प्रशासन ने गुरुवार को बड़े स्तर पर मेगा मॉकड्रिल का आयोजन किया।
जिले के पांच अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन, मलबा गिरने, पुल क्षतिग्रस्त होने और बाढ़ जैसी काल्पनिक घटनाएं तैयार की गईं। इन घटनाओं की सूचना मिलते ही जिला आपदा परिचालन केंद्र सक्रिय हो गया और पुलिस, एसडीआरएफ समेत सभी संबंधित विभागों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।

ADVERTISEMENTS Ad

मॉकड्रिल की शुरुआत सुबह 9:11 बजे उस सूचना से हुई, जिसमें बताया गया कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नैनीताल शहर के आलमा कॉटेज क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा आ गया है। इसके कुछ ही देर बाद बेतालघाट क्षेत्र में काली पहाड़ी से मलबा आने और शहीद बलवंत मोटर मार्ग बंद होने की सूचना मिली। वहीं कालाढूंगी की निहाल नदी पर बने मोटर पुल के क्षतिग्रस्त होने, हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में गौला नदी के किनारे भूस्खलन एवं भू-कटाव तथा लालकुआं में गौला नदी में बाढ़ आने की सूचना भी जिला आपदा परिचालन केंद्र को दी गई।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  वरिष्ठ नागरिक से हुई झपटमारी का पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार, एक लाख रुपए कीमत की अंगूठी बरामद
Ad

लगातार पांच अलग-अलग स्थानों से घटनाओं की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन ने तत्काल इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) को सक्रिय किया। इसके बाद पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा और पेयजल विभाग की टीमें संबंधित घटनास्थलों के लिए रवाना कर दी गईं।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  नीती घाटी में तमक नाले का उफान छोड़ गया तबाही का मंजर: जीआरआईएफ का कर्मचारी दूसरे दिन भी लापता, खोज एवं बचाव अभियान जारी
Ad

सभी स्थानों पर स्टेजिंग एरिया बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। मॉकड्रिल के दौरान घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने, सड़क मार्ग खोलने, संचार व्यवस्था बनाए रखने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की पूरी प्रक्रिया का परीक्षण किया गया।

जिला प्रशासन के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित आपदाओं के समय विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और आपसी समन्वय को परखना था। नैनीताल जनपद भूस्खलन और अतिवृष्टि की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है, इसलिए इस तरह की मॉकड्रिल वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉