मौसम: अगले 48 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी, प्रशासन ने की अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील


देहरादून:- भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तराखंड के कई जिलों में 1 और 2 जुलाई को भारी से बहुतभारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। वहीं टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन, आकाशीय बिजली, तेज बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
2 जुलाई को भी मौसम का मिजाज और अधिक खराब रहने की संभावना है। इस दिन देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भारी वर्षा के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए और भूस्खलन, जलभराव तथा सड़क बाधित होने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए सभी संसाधन तैयार रखें। यदि कहीं सड़कें बंद होती हैं तो संबंधित विभाग तत्काल उन्हें खोलने की कार्रवाई करें।
आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागीय अधिकारी, नोडल अधिकारी और आईआरएस प्रणाली के अधिकारी सक्रिय रहें तथा अपने मोबाइल और संचार माध्यम लगातार चालू रखें।
प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों पर मौसम के अनुसार आवश्यक प्रतिबंध लगाने, विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, नगर निकायों को नालियों की सफाई कराने, आवश्यक खाद्य सामग्री एवं दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने तथा जिला सूचना अधिकारियों के माध्यम से मौसम संबंधी चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।









