उत्तराखण्डनैनीताल

हल्द्वानी के एक वर्षीय बच्चे को मिली सुनने की क्षमता, मैक्स देहरादून में सफल कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी, डॉ अंजलि सनवाल की रही महत्वपूर्ण भूमिका

Ad

हल्द्वानी/देहरादून:-  एक वर्षीय बच्चा, जो जन्म से ही दोनों कानों में सीवियर टू प्रोफाउंड हियरिंग लॉस से पीड़ित था, का मैक्स अस्पताल, देहरादून में सफलतापूर्वक कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन किया गया। यह अत्याधुनिक और महत्वपूर्ण सर्जरी वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. इरम (मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून) एवं डॉ. हेतल (KEM हॉस्पिटल, मुंबई) द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई।

Ad

इस सर्जरी के दौरान सनवाल क्लिनिक ऑफ स्पीच एंड हियरिंग की ऑडियोलॉजिस्ट डॉ. अंजलि सनवाल ने Neural Response Telemetry (NRT) की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक किया। NRT कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण चरण होता है, जिसके माध्यम से इम्प्लांट के इलेक्ट्रोड्स और श्रवण तंत्रिकाओं की प्रतिक्रिया की जांच की जाती है, जिससे इम्प्लांट के सही कार्य और भविष्य में बेहतर सुनने के परिणाम सुनिश्चित होते हैं।

Ad

पूरी उपचार प्रक्रिया में हल्द्वानी स्थित सनवाल क्लिनिक ऑफ स्पीच एंड हियरिंग की निदेशक डॉ. अंजलि सनवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बच्चे की प्रारंभिक ऑडियोलॉजिकल जांच, परिवार की काउंसलिंग तथा आगे की स्पीच और हियरिंग रिहैबिलिटेशन की विस्तृत योजना तैयार की, जिससे बच्चे के समग्र विकास की मजबूत नींव रखी जा सके।

यह भी पढ़ें 👉  सप्तऋषि घाट पर गंगा का जलस्तर बढ़ने से अफरा-तफरी, 21 श्रद्धालुओं को प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाकर बाहर निकाला

केवल एक वर्ष की आयु में किया गया कॉक्लियर इम्प्लांट बच्चे के भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। इतनी कम उम्र में इम्प्लांट होने से सुनने, बोलने और भाषा विकास के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं, जिससे बच्चा आगे चलकर सामान्य बच्चों की तरह संवाद कर सकता है।

डॉ. अंजलि सनवाल कुमाऊँ क्षेत्र की एकमात्र ऑडियोलॉजिस्ट हैं जो Neural Response Telemetry (NRT) जैसी उन्नत तकनीक द्वारा कॉक्लियर इम्प्लांट की जांच करती हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक प्रशिक्षण बेंगलुरु में प्राप्त की है और वर्तमान में अपने गृह नगर हल्द्वानी में सेवाएं प्रदान कर रही हैं। अब तक वह 10 हजार से अधिक ऐसे मरीजों का सफल उपचार कर चुकी हैं जिन्हें सुनने या बोलने में कठिनाई थी, साथ ही कॉक्लियर इम्प्लांट जैसी जटिल प्रक्रियाओं में भी निरंतर योगदान रही हैं।

यह भी पढ़ें 👉  नल से कीड़े निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, जल संस्थान की व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल

डॉ. सनवाल ने यह भी बताया कि जन्म के तुरंत बाद न्यूबॉर्न हियरिंग स्क्रीनिंग अवश्य करानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की सुनने की समस्या का समय रहते पता लगाकर शीघ्र उपचार शुरू किया जा सके।

सनवाल क्लिनिक ऑफ स्पीच एंड हियरिंग में सुनने की सभी प्रकार की आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिसके लिए कुमाऊँ ही नहीं बल्कि दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी लोग यहां आते हैं।

ADVERTISEMENTS
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉