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गोरापड़ाव में हथियारों के बल पर हुई लूट का खुलासा: पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, जुए में हारी रकम की भरपाई के लिए रची थी डकैती की साजिश

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हल्द्वानी:- गोरापड़ाव में हथियारों के बल पर करीब आठ लाख रुपये की डकैती की वारदात ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने इस वारदात का बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जुए में लाखों रुपये हारने और आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक आरोपी ने अपनी हारी हुई रकम की भरपाई के लिए डकैती की साजिश रची थी। इसके बाद साथियों को जोड़कर गोरापड़ाव स्थित ऑफिस की रेकी की गई और करीब 10 हथियारबंद नकाबपोशों ने वारदात को अंजाम दिया।

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पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 66 हजार रुपये की नकदी, 315 बोर का तमंचा और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। लूट के दौरान बदमाश करीब आठ लाख रुपये की नकदी के साथ 12 मोबाइल फोन और सोने की चेन-अंगूठी भी ले गए थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

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डायल-112 पर मिली सूचना पर पुलिस महकमें में मचा था हड़कंप

19 अगस्त 2026 की शाम डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र के गोरापड़ाव में 10-12 हथियारबंद लोगों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों को सूचना देने के साथ ही हल्द्वानी कोतवाली से पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।

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अम्बा बिहार, तीनपानी निवासी नारायण दास ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि केआईए शोरूम के पीछे स्थित उनके ऑफिस/गैराज में करीब 10 अज्ञात हथियारबंद बदमाश घुस आए। बदमाशों ने हथियारों के बल पर वहां मौजूद लोगों को डराया-धमकाया और करीब आठ लाख रुपये, 12 मोबाइल फोन तथा तीन सोने की चेन और अंगूठी समेत अन्य सामान लूट लिया। मामले में हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा संख्या 284/26 दर्ज कर जांच प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता को सौंपी गई।

एसएसपी ने खुद संभाली कमान, 50 अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की टीम लगाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की।

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टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, सीओ लालकुआं विमल प्रसाद समेत विभिन्न थाना प्रभारियों, एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस और डॉग स्क्वायड को शामिल किया गया।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया।

सीसीटीवी और सर्विलांस ने खोली वारदात की परतें

पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। संदिग्ध गतिविधियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस दो संदिग्धों तक पहुंची।

पूछताछ के लिए वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू (25), निवासी विथा अकबर, सितारगंज और रखवीर सिंह (28), निवासी ईश्वरपुर, थाना शीशगढ़, जिला बरेली को पुलिस ने हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जुए में लाखों हारने के बाद बनाया डकैती का प्लान

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी मुलाकात किच्छा निवासी यश सिडाना से हुई थी। यश कथित तौर पर जुए में लाखों रुपये हार चुका था। आर्थिक तंगी के साथ उसकी मां की तबीयत खराब होने के कारण वह परेशान था।

इसी दौरान यश ने आरोपियों को बताया कि गोरापड़ाव क्षेत्र में बड़े स्तर पर लाखों रुपये का जुआ खेला जाता है। इसके बाद डकैती की योजना बनाई गई। तय हुआ कि लूट से मिलने वाली रकम से जुए में हारी रकम की भरपाई की जाएगी और बची रकम को सभी आरोपी आपस में बांट लेंगे। इसके बाद गिरोह में अन्य लोगों को शामिल किया गया और वारदात से पहले गोरापड़ाव स्थित कार्यालय की रेकी की गई।

नकाब पहना, हथियार निकाले और ऑफिस में घुसे

योजना के मुताबिक आरोपी नकाब पहनकर हथियारों के साथ कार्यालय में पहुंचे। अचानक हथियारबंद बदमाशों के पहुंचने से वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। बदमाशों ने हथियारों के बल पर लोगों को काबू में किया और नकदी, मोबाइल फोन तथा सोने के जेवरात लूटकर फरार हो गए।

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पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपियों ने लूटी गई रकम आपस में बांट ली। वहीं, पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लूटे गए मोबाइल फोन रास्ते में ही फेंक दिए गए, ताकि उनके डिजिटल फुटप्रिंट पुलिस के हाथ न लग सकें।

दो आरोपियों के पास मिले 66 हजार रुपये और आठ कारतूस

गिरफ्तार वंशप्रीत सिंह के कब्जे से 31 हजार रुपये और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। वहीं, रखवीर सिंह के पास से 35 हजार रुपये, 315 बोर का तमंचा और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस ने दोनों आरोपियों से कुल 66 हजार रुपये की नकदी और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 61(2) और 317(3) की बढ़ोतरी की गई है।

रखवीर पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रखवीर सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ केलाखेड़ा, दिनेशपुर, रुद्रपुर और नानकमत्ता थानों में हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। दूसरे आरोपी वंशप्रीत सिंह का आपराधिक इतिहास भी पुलिस द्वारा खंगाला जा रहा है।

पुलिस के अनुसार वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचने में जुटी है। घटना को संगठित तरीके से अंजाम दिए जाने के आधार पर बीएनएस के नए प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने डकैती का शीघ्र खुलासा करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 2,500 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस की कार्रवाई से फिलहाल गोरापड़ाव डकैती की वारदात की कई अहम परतें खुल गई हैं, लेकिन गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी और लूटी गई पूरी रकम व जेवरात की बरामदगी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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