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श्री बद्रीनाथधाम-केदारनाथ धाम में व्यवस्था सख्त: फोटोग्राफी, वीडियो रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध, मंदिर परिसर में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक

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देहरादून:- श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने आगामी यात्रा को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में व्यवस्था को सख्त और सुव्यवस्थित किया जाएगा।

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नई SOP के तहत मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगी। साथ ही गर्भगृह और मंदिर परिसर में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।

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अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर परिसर के आसपास मोबाइल के उपयोग को भी सीमित किया जाएगा। फिलहाल 50 से 60 मीटर की परिधि में मोबाइल प्रतिबंधित रखने की व्यवस्था बनाई गई है। यात्रा शुरू होने से पहले इस संबंध में स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।

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हेमंत द्विवेदी ने कहा कि केदारनाथ में चबूतरे पर दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ब्लॉगर और वीडियो बनाने वाले लोगों की भीड़ लग जाती थी, जिससे आम श्रद्धालुओं को दर्शन में परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए यह सख्त निर्णय लिया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था कोई नई नहीं है, बल्कि शंकराचार्य काल से ही मंदिर की मर्यादा और परंपराओं को बनाए रखने के लिए इस प्रकार के नियम लागू रहे हैं।

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बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि यात्रा को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही तीर्थ पुरोहितों के हितों को ध्यान में रखते हुए “तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष” का भी गठन किया गया है।

रावल (मुख्य पुजारी) की नियुक्ति को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया परंपरागत तरीके से ही होगी। पद रिक्त होने और त्यागपत्र मिलने के बाद ही नई नियुक्ति की जाएगी, इसमें समिति अध्यक्ष की कोई सीधी भूमिका नहीं होती।

नई SOP के लागू होने के बाद इस बार की बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा अधिक अनुशासित और व्यवस्थित रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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