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उत्तराखण्डहरिद्वार

डाकघर बचत बैंक में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले पिता-पुत्र को अदालत ने दिया दोषी करार, सात-सात वर्ष की कठोर सजा और 50-50 हजार अर्थदंड भी लगाया

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हरिद्वार:- डाकघर बचत बैंक खातों से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी राकेश शर्मा और उसके पुत्र अनुराग शर्मा को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रुड़की की अदालत ने दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को 50-50 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया गया है।

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नगर पंचायत ढंडेरा के कई ग्रामीणों के डाकघर बचत बैंक, मिलाप नगर शाखा रुड़की में आरोपी राकेश शर्मा और अनुराग शर्मा ने करीब 500 लोगों के बचत खाते खोले थे। वर्षों तक लोग इन खातों में धनराशि जमा करते रहे। बाद में जब खाताधारकों ने बैलेंस की जांच की तो उनके जमा धन में भारी गड़बड़ी पाई गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने खाताधारकों की जमा रकम में हेराफेरी कर लगभग एक करोड़ रुपए का गबन किया और फरार हो गया।

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विवेचना उपनिरीक्षक रंजीत खनेड़ा ने की और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी कपिल पंत और वासुदेव ने की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर एसीजेएम अदालत ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420 व 409 के तहत दोषी पाते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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