ऑनलाइन निवेश में पांच से सात प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगी, सेवानिवृत्त बुजुर्ग को बनाया शिकार, शुरुआत में आठ लाख रुपये लौटाकर जीता भरोसा, पांच नामजद समेत छह पर मुकदमा

देहरादून:- ऑनलाइन निवेश में हर महीने पांच से सात प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने शिक्षा विभाग के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को 26 लाख रुपये का चूना लगा दिया।
आरोपियों ने पहले कुछ महीनों तक निवेश पर मुनाफे की रकम लौटाकर पीड़ित का भरोसा जीता, लेकिन मोटी रकम जमा होने के बाद भुगतान बंद कर दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में पांच नामजद आरोपियों और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र के गुप्तकाशी निवासी 65 वर्षीय विजयपाल सिंह शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं। वर्ष 2024 में उनके पड़ोस में रहने वाली चंदा नेगी और उसके परिचित संजय नेगी ने उन्हें बोट ब्रो ऑनलाइन कंपनी में निवेश करने का प्रस्ताव दिया। आरोपियों ने दावा किया कि कंपनी में पैसा लगाने पर हर महीने पांच से सात प्रतिशत तक मुनाफा मिलेगा। साथ ही छह महीने के भीतर मूल निवेश की पूरी रकम वापस करने का भरोसा भी दिलाया।
विजयपाल सिंह के अनुसार 15 अक्टूबर 2024 को चंदा नेगी, संजय नेगी, नवीन नेगी और राजेंद्र प्रसाद वशिष्ठ उनके घर पहुंचे। उन्होंने खुद को कंपनी के उच्च पदों पर तैनात बताते हुए निवेश को पूरी तरह सुरक्षित बताया। आरोपियों की बातों में आकर विजयपाल ने अपने और पत्नी के नाम से खाते खुलवाए और शुरुआत में 60 हजार रुपये नकद दे दिए।
इसके बाद चार नवंबर 2024 को उन्होंने पांच लाख रुपये देहरादून की आदित्य ट्रेडिंग और 20 लाख रुपये कानपुर की कैप्टर मनी सॉल्यूशंस कंपनी के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने लकी ड्रॉ कूपन देने के नाम पर भी उनसे 40 हजार रुपये अतिरिक्त ले लिए।
शुरुआत में आरोपियों ने अपने वादे के मुताबिक निवेश पर मुनाफे की रकम देनी शुरू कर दी। मार्च 2025 तक विजयपाल सिंह के खाते में करीब आठ लाख रुपये मुनाफे के तौर पर जमा भी किए गए। इससे उन्हें कंपनी और आरोपियों पर भरोसा हो गया। लेकिन अप्रैल 2025 से अचानक भुगतान आना बंद हो गया। काफी इंतजार और संपर्क करने के प्रयासों के बावजूद जब रकम वापस नहीं मिली तो उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से निवेश और मुनाफे का लालच देकर उनसे लाखों रुपये जमा कराए। शुरुआत में मुनाफे की रकम लौटाकर उनका विश्वास हासिल किया और बाद में भुगतान बंद कर दिया।
शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में पांच नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।










