Medical
उत्तराखण्डनैनीताल

मां की मौत के बाद अकेली पड़ी 13 वर्षीय बच्ची को पिथौरागढ़ किया रवाना, अस्पताल स्टाफ, प्रशासन, पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने मिलकर किया सहयोग

ADVERTISEMENTS Ad

हल्द्वानी:-  सुशीला तिवारी अस्पताल में मां की मौत  के बाद अकेली और बेसहारा हुई 13 वर्षीय बच्ची के लिए अस्पताल स्टाफ, प्रशासन, पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी फरिश्ता बनकर सामने आए। बच्ची को न केवल आर्थिक सहायता दी गई, बल्कि सुरक्षित उसके घर पिथौरागढ़ पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई। रात करीब 10:30 बजे कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद बच्ची को एंबुलेंस से पिथौरागढ़ के लिए रवाना किया गया।

ADVERTISEMENTS Ad

पिथौरागढ़ जिले के ग्राम बाकरी निवासी 37 वर्षीय पूजा धामी पिछले करीब दो-तीन महीने से सुशीला तिवारी कैंसर अस्पताल में भर्ती थीं। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इन मुश्किल दिनों में उनकी 13 वर्षीय बेटी भावना ही अस्पताल में रहकर मां की देखभाल कर रही थी। मां की मौत के बाद भावना के सामने सबसे बड़ी समस्या घर लौटने और सुरक्षित अभिभावक के अभाव की थी।

ADVERTISEMENTS Ad

बताया गया कि बच्ची के पिता करीब 55 वर्षीय गोविंद सिंह धामी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट के कारण पिथौरागढ़ में बिस्तर पर हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। घर में भावना के अलावा उसकी 10 वर्षीय छोटी बहन दिव्यांशी और ढाई साल का भाई सौरभ भी हैं। ऐसे में मां की मौत के बाद 13 वर्षीय बच्ची के सामने परिवार की जिम्मेदारी और खुद की सुरक्षा दोनों का संकट खड़ा हो गया था।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के प्रयासों से भीमताल विधानसभा में 7 पुलों के लिए ₹8.74 करोड़ स्वीकृत, क्षेत्रीय जनता ने जताया आभार
Ad

बच्ची की स्थिति देखकर सुशीला तिवारी कैंसर अस्पताल के आई बैंक एवं कैंसर अस्पताल के प्रभारी गोविंद पांडे, भास्कर भट्ट, अमनदीप कौर, निशा जोशी समेत अस्पताल के कर्मचारियों ने तत्काल मदद का हाथ बढ़ाया। स्टाफ ने आपस में चंदा कर करीब पांच हजार रुपये जुटाए और बच्ची को पिथौरागढ़ भेजने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की। इसके साथ ही अस्पताल स्टाफ ने अपनी ओर से करीब 15 से 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी बच्ची को दी।

इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी को बच्ची की स्थिति की जानकारी मिली। बताया गया कि वह अपनी ग्राम सभा में आयोजित सम्मान समारोह को बीच में छोड़कर मधुमक्खियों के हमले से घायल एक व्यक्ति को उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में आई बैंक प्रभारी से बातचीत के दौरान उन्हें बच्ची की स्थिति का पता चला। उन्होंने तत्काल बच्ची की सुरक्षा और घर पहुंचाने की पहल शुरू की।

पीयूष जोशी ने मामले की जानकारी नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और पूर्व सांसद अजय टमटा को दी। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को बच्ची की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें 👉  हादसा: नवविवाहित दंपति की स्कॉर्पियो कार की डंपर से जोरदार भिड़ंत, हादसे में युवक की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल

जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम एबी वाजपेई ने पीआरडी जवान भुवन चंद्र को बच्ची के साथ एस्कॉर्ट के तौर पर तैनात किया। वहीं पुलिस ने भी बच्ची की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सब इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार और अरुण सिंह राणा को अस्पताल भेजा। बच्ची की लंबी यात्रा को देखते हुए महिला पीआरडी जवान की भी ड्यूटी लगाई गई।

इस पूरी व्यवस्था में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व दायित्ववान कार्यकर्ता चंद्रशेखर भट्ट भी पीयूष जोशी के साथ मौके पर मौजूद रहे और बच्ची को सुरक्षित घर भेजने की व्यवस्था में सहयोग किया।

रात करीब 10:30 बजे अस्पताल की आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद बच्ची को एंबुलेंस से पिथौरागढ़ के लिए रवाना किया गया। प्रशासन, पुलिस और अस्पताल स्टाफ की मौजूदगी में बच्ची को सुरक्षित उसके घर भेजा गया।

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि विपरीत परिस्थितियों में संवेदनशीलता और सामूहिक प्रयास किसी जरूरतमंद की मदद की जा सकती है। अस्पताल स्टाफ की ओर से आर्थिक मदद, प्रशासन की तत्परता, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता की क्षेत्र में सराहना हो रही है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉