यूनिट टेस्ट के दौरान छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, चीख पुकार से डरी अन्य छात्राएं, घटना के बाद भूत प्रेत की अफवाह, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल में छुट्टी

हल्द्वानी:- ललित आर्य महिला इंटर कॉलेज में सोमवार को यूनिट टेस्ट के दौरान अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अचानक कुछ छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। एक छात्रा के अचानक चीखने-चिल्लाने से परीक्षा दे रहीं अन्य छात्राएं बेहद घबरा गई। ऐसे में कक्षाओं में डर और दहशत का माहौल बन गया। इसी बीच छात्राओं के बीच भूत-प्रेत बाधा की अफवाह फैल गई, जिससे कई छात्राएं रोने लगीं और कुछ घर जाने की जिद करने लगीं।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को कॉलेज में कक्षा 10वीं और 11वीं की छात्राओं के यूनिट टेस्ट चल रहे थे। छात्राएं परीक्षा देने में व्यस्त थीं, तभी एक-दो छात्राओं ने अचानक चक्कर आने और तबीयत खराब होने की शिकायत की। इसी दौरान एक छात्रा के चीखने-चिल्लाने से आसपास बैठी छात्राएं सहम गईं।
कुछ ही देर में डर का माहौल इतना ज्यादा बढ़ गया कि चार-पांच छात्राएं रोने लगीं। परीक्षा कक्षों में भी अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रशासन सक्रिय हुआ और छात्राओं को शांत कराने का प्रयास किया।

अफवाह के कारण बना दहशत का माहौल, स्कूल प्रशासन ने संभाली स्थिति
छात्राओं की तबीयत बिगड़ने और एक छात्रा के चीखने की घटना के बाद इलाके में भूत-प्रेत की अफवाह फैल गई। सोशल मीडिया और आसपास की चर्चाओं के चलते मामला और तेजी से फैलने लगा। इससे छात्राओं और उनके परिजनों में भी चिंता बढ़ गई।
हालांकि, स्कूल प्रशासन ने भूत-प्रेत की किसी भी बात को पूरी तरह अफवाह बताया है। स्कूल प्रवक्ता नीलम ने बताया कि एक-दो छात्राओं की तबीयत अचानक खराब हुई थी। इसके बाद एक छात्रा के चीखने पर आसपास की छात्राएं डर गईं और घबराहट की स्थिति पैदा हो गई।उन्होंने स्पष्ट किया कि भूत-प्रेत की बाधा जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। छात्राओं में डर और घबराहट को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल की छुट्टी कर दी।
स्कूल प्रशासन ने भी अभिभावकों और क्षेत्रवासियों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। फिलहाल कॉलेज में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। घटना ने हालांकि कुछ देर के लिए छात्राओं, शिक्षकों और आसपास के लोगों के बीच जरूर दहशत पैदा कर दी। स्कूल प्रशासन का कहना है कि छात्राओं की तबीयत खराब होने की वास्तविक वजह पर नजर रखी जा रही है।









