Medical
उत्तराखण्डनैनीताल

जंगल में लकड़ी बीनने गई 65 वर्षीय वृद्धा को बाघ ने बनाया शिकार, आक्रोशित ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन

ADVERTISEMENTS Ad

रामनगर:-  कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज से मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर घटना सामने आई है। जंगल में लकड़ी बीनने गई 65 वर्षीय वृद्धा को बाघ ने अपना शिकार बना लिया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई, जबकि आक्रोशित ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर करीब तीन घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया।

ADVERTISEMENTS Ad

मृतका की पहचान सूखिया देवी पत्नी चंदन सिंह, निवासी सांवल्दे पश्चिमी के रूप में हुई है। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे वह अपनी बेटी अनीता, बेटे अरुण, पड़ोसी देवेंद्र और नातिन रोशन के साथ जंगल में लकड़ी बीनने गई थीं। जंगल के भीतर सभी लोग अलग-अलग स्थानों पर लकड़ी एकत्र कर रहे थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने सूखिया देवी पर अचानक हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए घने जंगल में ले गया

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू, अब छात्रों को मिलेगी सेमेस्टर वार फीस जमा करने की सुविधा, प्रवेश की अंतिम तिथि 10 अगस्त निर्धारित
Ad

।घटना के वक्त साथ मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने शोर मचाकर वृद्धा को बचाने का प्रयास किया, लेकिन बाघ उन्हें दबोचकर जंगल के भीतर ले गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जंगल में सर्च अभियान शुरू किया। वन कर्मियों ने दर्जनों हवाई फायर किए, जिसके बाद बाघ शव छोड़कर जंगल में भाग गया। टीम ने सड़क से करीब एक किलोमीटर अंदर जंगल से वृद्धा का शव बरामद किया।

शव को जंगल से बाहर लाए जाने पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने शव को गांव के बाहर सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और हमलावर बाघ को तत्काल पकड़ने की मांग करने लगे। सूचना पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला, एसएसपी मंजुनाथ टीसी, उपनिदेशक राहुल मिश्रा समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब तीन घंटे बाद जाम खुल सका।

यह भी पढ़ें 👉  जिला प्रशासन ने किया मॉक ड्रिल का आयोजन: एक साथ पांच अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाएं, संबंधित विभागों ने राहत एवं बचाव कार्य किया शुरू

सीटीआर निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि हमलावर बाघ को पकड़ने के लिए इलाके में कैमरा ट्रैप और पिंजरे लगाए जा रहे हैं। ड्रोन की मदद से भी निगरानी की जा रही है। मृतका के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

घटना के बाद से आसपास के गांवों में भय का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से जंगल की ओर न जाने की अपील की है और प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉