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सर्किट हाउस में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन, जनहित से जुड़े कई अहम फैसले लिए, रेनवाटर हार्वेस्टिंग किया अनिवार्य, एक परिवार एक आवास नियम भी लागू

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हल्द्वानी:- सर्किट हाउस काठगोदाम में एक बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण/ कुमाऊं कमिश्नर/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने की। बैठक में विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में लैंड यूज, भवन पुनर्निर्माण, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने से जुड़े अनेक प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

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आयुक्त दीपक रावत ने निर्देश दिए कि पर्वतीय क्षेत्रों में वाणिज्यिक भवनों की अनुमति तभी दी जाए, जब भू-स्वामी अनिवार्य रूप से रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण से पूर्व इस प्रणाली की निगरानी और सत्यापन किया जाए, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिले और स्थानीय जल स्रोतों पर दबाव कम हो।

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बैठक में हल्द्वानी और आसपास की सरकारी व नजूल भूमि का चिन्हीकरण कर गरीब वर्ग के लिए कम लागत वाले आवासीय भवनों के निर्माण हेतु आंगणन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने कहा कि इसका उद्देश्य जरूरतमंदों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है।

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उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पर्वतीय क्षेत्रों के भूस्खलन संभावित स्थानों पर किसी भी प्रकार की भवन या अन्य स्वीकृति संयुक्त सर्वे और भू-वैज्ञानिक की रिपोर्ट के बाद ही दी जाए। सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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बैठक में यह तथ्य सामने आया कि रामगढ़ और भीमताल जैसे क्षेत्रों में एक ही परिवार के कई सदस्यों द्वारा 60 वर्गमीटर के आवासीय प्लॉट पर अलग-अलग भवन स्वीकृति के आवेदन किए जा रहे हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए आयुक्त ने स्पष्ट किया कि एक परिवार में केवल एक ही सदस्य को आवासीय स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में इन स्वीकृतियों का दुरुपयोग कर होटल या रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक भवन बनाए जा रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग और उल्लंघन पर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश लिए गाए।

नैनीताल शहर में पुराने भवनों के पुनर्निर्माण से जुड़े मामलों में निर्णय लिया गया कि पुनर्निर्माण की अनुमति पुराने भवन के समान क्षेत्रफल में ही दी जाएगी। स्वीकृति से पहले क्षतिग्रस्त भवन की फोटोग्राफ का अवलोकन अनिवार्य होगा।

इसके अलावा हाल ही में प्राधिकरण में शामिल हुए क्षेत्रों में छह माह से पूर्व निर्माणाधीन भवनों के नक्शों को बिना किसी जुर्माने के स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया, जिसे स्थानीय लोगों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट, मोटल और जिप लाइन संचालन से जुड़े आवेदनों को नियमानुसार स्वीकृति दी गई। वहीं जिलाधिकारी द्वारा नैनीताल भवाली रोड और हल्द्वानी-ज्योलीकोट मार्ग पर सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण और महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए आउटलेट निर्माण का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर प्राधिकरण को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।आयुक्त दीपक रावत ने प्राधिकरण अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जिन मानचित्रों को स्वीकृति दी गई है, निर्माण कार्य उसी के अनुरूप हो। इसके लिए नियमित स्थलीय निरीक्षण किए जाएंगे। साथ ही अगली बैठक में स्वीकृत मानचित्रों से संबंधित निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट और फोटोग्राफ प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में उपाध्यक्ष जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण/जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, सचिव विजय नाथ शुक्ल, संयुक्त सचिव गोपाल सिंह चौहान, मुख्य कोषाधिकारी कमलेश भंडारी, बोर्ड सदस्य धीरज कुमार पांडे, गणेश भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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