उत्तराखण्डनैनीताल

आयुर्वेद है तो संभव है: वैद्य डॉ राहुल गुप्ता ने पांच माह से बिस्तर पर पड़े व्यक्ति का उपचार कर जीवन में जगाई आशा की किरण, परिजनों ने जताया आभार

Ad

हल्द्वानी:- चिकित्सा के क्षेत्र में आयुर्वेद का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है। आयुर्वेद चिकित्सा में लगभग सभी रोगों का उपचार संभव है। श्री विश्व प्रांगण आयुर्वेद एवं पंचकर्म क्लीनिक मुखानी हल्द्वानी के वैद्य डॉ राहुल गुप्ता ने बताया कि बैतूल मध्य प्रदेश निवासी, 74 वर्षीय सलक राम वाइकर के जीवन में एक दुर्घटना घटी जिसमें उनके जीवन साथी का निधन हो गया और उसके बाद उन्हें मानसिक आघात लगा और उनकी हालत ख़राब होने लगी, रोगी का चेहरा टेढ़ा हो गया और शरीर ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया। लगभग पाँच महीने से रोगी आधुनिक इलाज के बावजूद बिस्तर पर पड़ा था। ऐसी अवस्था में अपने दैनिक कार्य तो दूर, स्वयं  अपना खाना खाने में भी असमर्थ था। इस रोग को सर्वांगवात कहा जाता है, लगातार इलाज की असमर्थता देखकर परिवारजनों ने आयुर्वेद इलाज का मन बनाकर हमसे संपर्क किया।

रोगी का पूरा इतिहास जानकर कर्म के विपरीत चिकित्सा की शुरुआत की गई। रोग के बारे में जब हमने पूरी जानकारी ली तो पता चला कि शरीर पर जब मानसिक आघात हुआ तब रोग ने गम्भीर रुख़ अपना लिया। रोगी की आंतों में मल अवरोध इतना था कि वह दस दिन में एक बार बड़ी मुश्किल से सूखा हुआ मल त्याग करता था।

क्योंकि यह एक वात रोग था और क्योंकि मन वात दोष के नियंत्रण में रहता है इस कारण, वात दोष के स्थान, आंतों की सेहत का ध्यान सबसे पहले रखना ही आयुर्वेद का नियम है, अतः इसको ध्यान में रख कर बस्ती चिकित्सा शुरू की। बस्ती से रोगी की आंतें दुरुस्त होने लगी जिससे शरीर में बल और लघुता आने लगी। इसके पश्चात आयुर्वेद ओषधियों का अंदरुनी और बाह्य प्रयोग शुरू किया। चिकित्सा से लाभ होने पर रोगी के परिजनों ने वैद्य डॉ राहुल गुप्ता का आभार जताया।

ADVERTISEMENTS
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉