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ज्योति अधिकारी को सीजेएम कोर्ट से मिली जमानत, कई दिनों से चर्चा में था मामला, अदालत के फैसले पर टिकी थी सबकी निगाहें

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हल्द्वानी:- ज्योति अधिकारी को मंगलवार को बड़ी कानूनी राहत मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत प्रदान कर दी। बीते कई दिनों से यह मामला न केवल हल्द्वानी बल्कि पूरे उत्तराखंड में चर्चा का विषय बना हुआ था और अदालत के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी थीं।

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ज्योति अधिकारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र बिष्ट और गौरव कपूर ने अदालत में उनका पक्ष मजबूती से रखा। बचाव पक्ष ने दलील दी कि ज्योति अधिकारी का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना आहत करना या उत्तराखंड की गरिमा को ठेस पहुंचाना नहीं था। अधिवक्ताओं ने अदालत को यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में उनके मुवक्किल द्वारा ऐसा कोई भी कृत्य नहीं किया जाएगा, जिससे न्यायालय की गरिमा या सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचे।

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गौरतलब है कि ज्योति अधिकारी के खिलाफ जूही चुफाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। उन पर उत्तराखंड की महिलाओं और लोक देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने तथा एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दराती लहराने के आरोप लगे थे। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की थी और 8 जनवरी को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

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सूत्रों के अनुसार, ज्योति अधिकारी के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न थानों में तीन से चार अन्य मामले दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, वर्तमान प्रकरण में अदालत ने सभी तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद उन्हें जमानत देना उचित समझा।

समर्थकों में राहत, प्रशासन पूरी तरह सतर्क

जमानत मिलने की सूचना के बाद ज्योति अधिकारी के समर्थकों में राहत का माहौल देखा गया, जबकि प्रशासन और पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, उसकी सीमाओं और सार्वजनिक जिम्मेदारी को लेकर बहस का विषय बन गया है।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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