सीएम धामी की कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले, 18 प्रस्तावों पर लगी मुहर, 250 बसों की खरीद को मंजूरी, कक्षा 1 से 8 तक चलने वाले 452 मदरसों को जिला स्तर पर मिलेगी मान्यता


देहरादून:- सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि कुल 18 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है, जिनका असर परिवहन, शिक्षा, वन, वित्त और औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ेगा।

कैबिनेट ने परिवहन विभाग में बड़े फैसले लेते हुए 250 बसों की खरीद को मंजूरी दी है। हालांकि जीएसटी में कमी के चलते अब 100 की बजाय 109 बसें खरीदी जाएंगी। साथ ही विभाग में पर्यवेक्षकों और सिपाहियों के लिए वर्दी निर्धारण भी किया गया है।
कुंभ मेले को लेकर भी प्रशासनिक अधिकारों में बदलाव किया गया है। अब मेला अधिकारी 1 करोड़ रुपये तक के कार्य स्वीकृत कर सकेंगे, जबकि 5 करोड़ तक के कार्य गढ़वाल आयुक्त स्तर से मंजूर होंगे। इससे अधिक राशि के कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत किए जाएंगे।
औद्योगिक क्षेत्र में शुल्क वृद्धि का निर्णय लेते हुए 7 रुपये प्रति कुंटल को बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। वहीं वित्त विभाग में आबकारी नीति के तहत 6% प्रावधान को राज्य कर विभाग द्वारा अपनाया गया है।
वन विभाग में भी अहम बदलाव किए गए हैं। वन दरोगा की आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 35 वर्ष और वन आरक्षी की 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके साथ ही वन क्षेत्र की सीमा पर मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय लोगों की आय बढ़ाना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है।
निविदा प्रक्रिया में भी राहत दी गई है। अब डी श्रेणी के ठेकेदारों को 1 करोड़ की बजाय 1.5 करोड़ रुपये तक के कार्य दिए जा सकेंगे। इससे छोटे ठेकेदारों को अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा क्षेत्र में कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उत्तराखंड बोर्ड से मदरसों की मान्यता को लेकर नया प्रावधान तय किया गया है। कक्षा 1 से 8 तक चलने वाले 452 मदरसों को अब जिला स्तर से मान्यता मिलेगी, जबकि 9वीं से 12वीं तक के करीब 52 मदरसों को बोर्ड से मान्यता लेनी होगी।
इसके अलावा विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करने वाली नियमावली को मंजूरी दी गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप है। सहायक अध्यापकों के लिए भी सेवा नियमावली को स्वीकृति दी गई है।
लोक निर्माण विभाग में भी हाई कोर्ट के आदेश के तहत 6 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। वहीं वर्कचार्ज कर्मचारियों से जुड़े मामले में हाई कोर्ट के स्टे को कैबिनेट के संज्ञान में लाया गया।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का विस्तार करते हुए इसे 21 अशासकीय कॉलेजों तक बढ़ा दिया गया है, जहां स्थायी प्राचार्य तैनात हैं।
कुल मिलाकर, धामी सरकार की इस कैबिनेट बैठक में विकास, प्रशासनिक सुधार और रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका असर राज्य के विभिन्न वर्गों पर व्यापक रूप से पड़ेगा।










