वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का 81 वर्ष की उम्र में निधन, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर

देहरादून:- उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का रविवार को 81 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनके निधन की खबर सुनते ही प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस संगठन सहित विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और उनके समर्थकों ने इसे उत्तराखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
लगभग पांच दशक तक सक्रिय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान रखने वाले हीरा सिंह बिष्ट ने अपना पूरा जीवन कांग्रेस संगठन और जनसेवा को समर्पित कर दिया। अविभाजित उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड राज्य बनने के बाद तक उन्होंने पार्टी के लिए निरंतर कार्य किया और संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह अविभाजित उत्तर प्रदेश सरकार और बाद में उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। इसके अलावा लंबे समय तक इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कर्मचारियों और श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहे।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
हीरा सिंह बिष्ट ने सत्तर के दशक की शुरुआत में देहरादून के प्रतिष्ठित डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में राजनीति में कदम रखा। उसके बाद छात्र राजनीति से निकलकर उन्होंने युवा कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभाई और धीरे-धीरे प्रदेश कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में अपनी जगह बनाई। संगठनात्मक क्षमता, जमीनी पकड़ और श्रमिक वर्ग के मुद्दों को मजबूती से उठाने के कारण उन्हें कांग्रेस का जननेता माना जाता था।
एन.डी. तिवारी सरकार में संभाली थी अहम जिम्मेदारी
अपने लंबे राजनीतिक जीवन में हीरा सिंह बिष्ट ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विकास और जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की उनकी कार्यशैली की भी व्यापक सराहना होती रही।
उम्र के अंतिम पड़ाव तक रहे सक्रिय
उम्र के अंतिम पड़ाव तक भी हीरा सिंह बिष्ट राजनीति से जुड़े रहे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने रायपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर अपनी सक्रियता का परिचय दिया। हालांकि उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद वह पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहे।
कांग्रेस नेताओं ने जताया शोक
हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, डॉ. हरक सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना सहित पार्टी के अनेक नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। नेताओं ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट ने अपना पूरा जीवन कांग्रेस की विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के लिए समर्पित किया। उनका निधन पार्टी के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।










