द आनंदा अकादमी में शिक्षा में रंगमंच की उपयोगिता पर विशेष कार्यशाला का आयोजन, वरिष्ठ रंगकर्मी ललित सिंह पोखरिया को किया सम्मानित

हल्द्वानी:- द आनंदा अकादमी हल्द्वानी में आयोजित एक गरिमामय समारोह में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ रंगकर्मी ललित सिंह पोखरिया का रंगमंच के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। प्रतिष्ठित नाट्य संस्था शैलनट के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा और रंगमंच के समन्वय पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर शैलनट के कला निदेशक डॉ. डीएन. भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार रवि शंकर शर्मा, हरीश उप्रेती, द आनंदा अकादमी के प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र सिंह बिष्ट, निदेशक दीक्षा बिष्ट तथा प्रधानाध्यापिका माया बिष्ट ने ललित सिंह पोखरिया को स्मृति-चिह्न एवं सम्मान-पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में ललित सिंह पोखरिया ने कहा कि विद्यालयी शिक्षा में रंगमंच का समावेश समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रंगमंच विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, प्रभावी संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता तथा टीम भावना का विकास करता है।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे शिक्षण में नाट्य गतिविधियों को शामिल कर विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली बनाएँ।
कार्यक्रम के अंतर्गत द आनंदा अकादमी में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए “शिक्षा में रंगमंच की आवश्यकता एवं उपयोगिता” विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पोखरिया ने बताया कि रंगमंच के प्रयोग से विद्यार्थियों की सहभागिता, अभिव्यक्ति क्षमता और सीखने की दक्षता को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है।

इससे पूर्व विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भी व्यक्तित्व विकास एवं रंगमंच पर आधारित एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें पोखरिया ने अभिनय, शारीरिक अभिव्यक्ति, वाणी, मंच संचालन तथा रचनात्मक गतिविधियों के अभ्यास करवाए। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ रंगमंच की बारीकियों को सीखा।
भारतेंदु नाट्य अकादमी से जुड़े ललित सिंह पोखरिया 100 से अधिक नाटकों में अभिनय, लेखन एवं निर्देशन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त वे अनेक फिल्मों एवं टेलीविजन धारावाहिकों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं तथा नाट्य कला पर उनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम एवं कार्यशालाओं में लगभग 200 विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अतिथियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर द आनंदा अकादमी के प्रबंध निदेशक भूपेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति, साहित्य एवं रचनात्मक गतिविधियों को भी समान महत्व देता है। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किए जाएंगे।
समारोह में शहर के अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार, रंगकर्मी एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।









