उत्तराखंड मौसम: मूसलाधार बारिश के चलते चारधाम और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर असर, केदारनाथ मार्ग पर खतरा, 200 से अधिक यात्री फंसे

देहरादून/पिथौरागढ़:- प्रदेश में लगातार हो लगातार मूसलाधार बारिश ने चारधाम और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर बड़ा असर डाला है। प्रदेश के कई राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग भूस्खलन, मलबा और बोल्डर गिरने से बाधित हो गए हैं। यमुनोत्री हाईवे से लेकर केदारनाथ पैदल मार्ग और चीन सीमा को जोड़ने वाले ज्योतिर्मठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग तक बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। वहीं पिथौरागढ़ में भारी बारिश के चलते कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा, जिससे 200 से अधिक यात्री रास्ते में फंस गए हैं।
यमुनोत्री हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन
यमुना घाटी में लगातार हो रही बारिश के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी है। स्यानाचट्टी और हनुमान चट्टी के बीच सड़क का हिस्सा भी कटाव की चपेट में आ गया है. जिससे यातायात प्रभावित हो रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि हाईवे को खोलने के लिए मशीनें और टीमें मौके पर तैनात हैं। मलबा हटाने का कार्य तेजी से चल रहा है और दोपहर तक मार्ग सुचारु होने की उम्मीद है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर बढ़ा खतरा, घोड़ा-खच्चर सेवा बंद
रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश के चलते गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। चीरबासा के पास पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने के कारण प्रशासन ने शुक्रवार सुबह से ही घोड़ा-खच्चर संचालन पर रोक लगा दी, जो शनिवार शाम तक जारी रही।
हालांकि पैदल यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं की गई है, लेकिन श्रद्धालु बेहद संकरे और जोखिम भरे रास्ते से एक-दूसरे का हाथ पकड़कर यात्रा करने को मजबूर हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे भी घंटों रहा बंद
चमोली जिले में चीन सीमा को जोड़ने वाला ज्योतिर्मठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी शनिवार शाम भूस्खलन की चपेट में आ गया। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरककर सड़क पर गिरने से हाईवे कई घंटे तक बंद रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
बॉर्डर रोड और प्रशासन की टीमों ने मलबा हटाकर मार्ग खोलने का अभियान शुरू किया। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य मार्ग भी मलबा आने के कारण बाधित रहे, जिन्हें खोलने के लिए मशीनें लगातार काम कर रही हैं।
कैलास मानसरोवर यात्रा पर बड़ा संकट, 200से ज्यादा यात्री फंसे
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में हो रही लगातार बारिश ने कैलास मानसरोवर यात्रा को भी प्रभावित कर दिया है। भारी भूस्खलन और सड़क धंसने के कारण ऐतिहासिक यात्रा मार्ग लगातार दूसरे दिन पूरी तरह बंद रहा।
मार्ग बंद होने से गर्बाधार के आगे 200 से अधिक यात्री फंस गए हैं। वहीं यात्रा पर निकला चौथा दल फिलहाल धारचूला में ही रोक दिया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि मार्ग सुरक्षित होने और अनुमति मिलने के बाद ही यात्रियों को आगे भेजा जाएगा। उधर, कैलाश यात्रा पूरी कर लौट रहा पहला दल भी रास्ता बंद होने के कारण गुंजी में ही रुका हुआ है।
धारचूला में सबसे ज्यादा बारिश, 17 ग्रामीण सड़कें बंद
आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार सीमांत क्षेत्र में शनिवार शाम से लगातार बारिश जारी है। धारचूला में सबसे अधिक 92.4 मिलीमीटर, जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में 58 मिलीमीटर और डीडीहाट में 53 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
भारी बारिश के कारण तवाघाट-गुंजी, थल-मुनस्यारी मुख्य मार्ग सहित जिले की 17 आंतरिक ग्रामीण सड़कें मलबा आने से बंद हो गई हैं। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है।
प्रशासन अलर्ट, यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है। प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों और राहत टीमों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने चारधाम और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।









