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उत्तराखण्डपौड़ी

आश्रम में किशोर का शोषण करने वाले दोषी को अदालत ने सुनाई 20 वर्ष कारावास की सजा, बीस हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया

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पौड़ी:- आश्रम की आड़ में किशोर का शोषण करने वाले दोषी को विशेष सत्र (पॉक्सो) न्यायाधीश पौड़ी धर्म सिंह की अदालत ने 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने राज्य सरकार को पीड़ित बालक को चार लाख रुपये प्रतिकर देने के भी आदेश दिए हैं।

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मामला लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र स्थित एक आश्रम का है। सितंबर 2024 में आश्रम में रहने वाले एक किशोर ने देहरादून बाल कल्याण समिति को शिकायती पत्र भेजकर उसके साथ लंबे समय से दुष्कर्म किए जाने की जानकारी दी थी। देहरादून समिति ने मामले में पौड़ी बाल कल्याण समिति से पत्राचार किया।

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तत्कालीन अध्यक्ष अशोक बौड़ाई ने दो सितंबर 2024 को एसएसपी पौड़ी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी के निर्देश पर लक्ष्मणझूला पुलिस ने मामले में दो आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने रजनीश गिरी को चार सितंबर 2024 को गिरफ्तार किया, जबकि दूसरे आरोपी ब्रिजपाल को छह सितंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने 28 अक्तूबर 2024 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।

अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विजेंद्र सिंह रावत ने पैरवी की। अदालत ने रजनीश गिरी को दोषी माना और उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं, दूसरे आरोपी ब्रिजपाल को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार अदालत ने पीड़ित बालक के पुनर्वास और सहायता के मद्देनजर राज्य सरकार को चार लाख रुपये प्रतिकर दिए जाने का भी आदेश दिया है।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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