क्वींस स्कूल में तीन दिवसीय भव्य रामलीला महोत्सव संपन्न, छात्र-छात्राओं के शानदार अभिनय की सभी ने की सराहना

हल्द्वानी:- नैनीताल रोड स्थित क्वींस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तीन दिवसीय भव्य रामलीला महोत्सव का आयोजन बेहद हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस सांस्कृतिक महोत्सव में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने श्रीराम जन्म से लेकर रावण वध तक के संपूर्ण प्रसंगों का अत्यंत जीवंत और भावपूर्ण मंचन किया।
महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध समाजसेवी व शिक्षाविद् हरिश्चंद्र पांडे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, प्रधानाचार्य और विद्यालय प्रबंधन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर तथा प्रभु श्रीराम की आरती के साथ किया।
तीन दिवसीय महोत्सव ने सभी दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
प्रथम दिवस (पहला दिन): महोत्सव के पहले दिन विद्यार्थियों ने श्रीराम जन्म, ताड़का वध और भव्य सीता स्वयंवर (धनुष यज्ञ) के प्रसंगों का मंचन किया। लक्ष्मण-परशुराम संवाद के दमदार दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
द्वितीय दिवस (दूसरा दिन): दूसरे दिन श्रीराम वनगमन, केवट प्रसंग, स्वर्ण मृग का कपट, माता सीता हरण और लंका दहन के दृश्यों को बेहद भावुक और कलात्मक रूप से मंच पर उतारा गया। हनुमान जी के लंका दहन के दृश्य पर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
तृतीय दिवस (तीसरा दिन): अंतिम दिन लक्ष्मण-शक्ति, कुंभकर्ण वध और राम-रावण के बीच युद्ध का मंचन किया गया। जैसे ही रंगमंच पर भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया, पूरा विद्यालय परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इसके बाद असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया।

महोत्सव को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंधक आर पी सिंह एवं मुख्य अतिथि हरिश्चंद्र पांडे ने बच्चों के शानदार अभिनय और संवाद की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल एक नाटक नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के जीवन से सत्य, मर्यादा, त्याग और माता-पिता की आज्ञाकारिता जैसे महान गुणों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने तीन दिनों तक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और प्रतिभागी बच्चों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन श्रीराम राज्याभिषेक, आरती और सभी को प्रसाद वितरण के साथ हुआ।










