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उत्तराखण्डनैनीताल

निजी विद्यालयों की मनमानी को लेकर प्रशासन सख्त: 12 और स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी

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हल्द्वानी:-  निजी विद्यालयों की मनमानी के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 12 और स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने विभिन्न शिकायतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की। इसके साथ ही जिले में नोटिस प्राप्त करने वाले निजी विद्यालयों की संख्या बढ़कर 101 पहुंच गई है।

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प्रशासनिक जांच में सामने आया कि कई विद्यालयों द्वारा एनसीईआरटी पुस्तकों के बजाय महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य की जा रही थीं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इतना ही नहीं, कुछ स्कूलों पर विशेष दुकानों से किताबें और शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष दबाव बनाने के आरोप भी लगे हैं। साथ ही कई विद्यालय अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाएं सार्वजनिक नहीं कर रहे थे।

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मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी कर एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने, किसी विशेष विक्रेता की बाध्यता समाप्त करने तथा वेबसाइट पर शुल्क संरचना और पुस्तक सूची सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा अभिभावकों से पहले खरीदी गई अनावश्यक पुस्तकों के धन वापसी या समायोजन और अतिरिक्त शुल्कों को आगामी फीस में एडजस्ट करने के आदेश भी दिए गए हैं।

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जिलाधिकारी के निर्देश पर विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा में आदेशों का पालन न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता निलंबन या निरस्तीकरण सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की

प्रशासन की इस कार्रवाई को अभिभावकों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। लंबे समय से निजी स्कूलों की मनमानी फीस, महंगी किताबों और अनावश्यक शुल्कों को लेकर अभिभावकों में पहले से ही नाराजगी बनी थी।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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