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इतिहास की प्रवक्ता की एसआईटी जांच में पायी गई फर्जी डिग्री, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने की विभागीय कार्रवाई शुरू, नियुक्ति प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

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देहरादून:-  हरिद्वार जिले के नेशनल इंटर कॉलेज, धनौरी में कार्यरत इतिहास की प्रवक्ता रेनू कुमारी पर अब बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। एसआईटी जांच में उनकी एमए (इतिहास) की डिग्री फर्जी पाए जाने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

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जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि शिक्षिका द्वारा प्रस्तुत एमए इतिहास का प्रमाण पत्र मानव भारती विश्वविद्यालय, सोलन (हिमाचल प्रदेश) से जारी नहीं हुआ था। जांच में यह प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी पाया गया।

एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार ने इस संबंध में विद्यालय के प्रबंधक को सभी अभिलेखों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। वहीं, प्रबंधक के माध्यम से संबंधित प्रवक्ता को भी अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षिका के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

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इस मामले ने एक बार फिर नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि नियुक्ति फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर हुई, तो नियुक्ति से पहले दस्तावेजों का सत्यापन करने वाले अधिकारियों और चयन समिति की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। फिलहाल विभाग की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए गए हैं।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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