अंकिता हत्याकांड पर व्यापार मंडल ने सीबीआई जांच की संतुति के बाद 11 जनवरी का बंद वापस लेने की घोषणा की


हल्द्वानी। उत्तराखंड के प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के साथ हुई दरिंदगी को अत्यंत शर्मनाक बताते हुए इसे प्रदेश के लिए कलंक करार दिया है। संगठन का कहना है कि इस जघन्य घटना की जितनी भी निंदा की जाए, उतनी कम है।

प्रदेश भर में 383 नगर इकाइयों केसाथ सक्रिय प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अनुसार, सामाजिक और महिला संगठनों की ओर से 11 जनवरी को प्रस्तावित प्रदेश बंद को लेकर सहयोग की लगातार अपीलें की जा रही थीं। अंकिता हत्याकांड वीआईपी संलिप्तता की आशंकाओं और सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदेश में आंदोलन का माहौल बना हुआ था।
हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद अब बंद का कोई औचित्य नहीं रह गया है। इसी आधार पर व्यापार मंडल ने 11 जनवरी के प्रस्तावित बंद से स्वयं को अलग करते हुए बंद वापस लेने की औपचारिक घोषणा कर दी है।
संगठन की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी पदाधिकारियों एवं नगर इकाइयों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम में न रहे और अपने व्यवसाय संचालित करें।
साथ ही सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से भी आग्रह किया गया है कि इस प्रकरण में बंद को लेकर व्यापार मंडल से संपर्क न किया जाए, क्योंकि संगठन बंद का समर्थन नहीं कर रहा है। व्यापार मंडल ने दोहराया कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के पक्ष में पूरी मजबूती से खड़ा है, लेकिन अब सीबीआई जांच की संतुति कर दी गई है ऐसे में व्यापारिक गतिविधियों को बाधित करना उचित नहीं होगा।









