बाबा केदार दर्शन के लिए हेलीकॉप्टर से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर, टिकटों की बुकिंग आज शनिवार शाम 6 बजे से शुरू


देहरादून:- बाबा केदार दर्शन के लिए हेलीकॉप्टर सेवा से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के लिए हेलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग आज शनिवार शाम 6 बजे से शुरू होगी। प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और पहले चरण में 22 अप्रैल से 23 जून तक की यात्रा अवधि के लिए टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे।

अधिकारियों के अनुसार हेलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग केवल आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जाएगी। इस बार पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी एजेंट या अनधिकृत वेबसाइट के माध्यम से टिकट बुक करने से बचें।
हर वर्ष चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचते हैं, जिनमें बड़ी संख्या बुजुर्गों और अस्वस्थ यात्रियों की होती है। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा उनके लिए सबसे सुविधाजनक विकल्प बनती जा रही है। बढ़ती मांग को देखते हुए इस बार सरकार यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में जुटी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में श्री केदारनाथ धाम के रावल श्रीश्रीश्री 1008 भीमाशंकर लिंग से मुलाकात कर चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु हितैषी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण एवं विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं और यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इस बार विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाएं, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फोकस किया गया है।
सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सहायता, आवास, स्वच्छता, पेयजल, भोजन व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार का लक्ष्य इस बार चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।









