यूपीसीएल के आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत: मासिक आय में होगी बढ़ोतरी, संशोधित वेतनमान 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा, प्रदेश भर में हजारों कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ

देहरादून:- उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके मानदेय में संशोधन कर दिया है।
निगम की ओर से जारी आदेश के अनुसार संशोधित वेतनमान 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। यह संशोधन उत्तराखंड सरकार द्वारा घोषित नई न्यूनतम मजदूरी और परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) के अनुरूप किया गया है। इस फैसले से प्रदेशभर में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
यूपीसीएल के इस निर्णय का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। लगातार बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए कर्मचारी लंबे समय से मानदेय में वृद्धि की मांग कर रहे थे। नए आदेश के लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन ढांचे में सुधार होगा और उनकी मासिक आय में भी बढ़ोतरी होगी। निगम का मानना है कि संशोधित वेतनमान से कर्मचारियों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का लाभ सुनिश्चित हो सकेगा।
जारी आदेश के अनुसार कर्मचारियों का मूल वेतन 14,023 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके साथ 518 रुपये परिवर्तनीय महंगाई भत्ता जोड़ने के बाद कुल मूल भुगतान 14,541 रुपये होगा। इसके अलावा 10 प्रतिशत की दर से 1,454.10 रुपये मकान किराया भत्ता (एचआरए) तथा 575.66 रुपये बोनस भी दिया जाएगा। इन सभी मदों को मिलाकर कर्मचारियों का कुल मासिक वेतन 16,570.76 रुपये तय किया गया है।
हालांकि इस वेतन से 1,744.92 रुपये कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और 124.28 रुपये कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की कटौती की जाएगी। कटौती के बादकर्मचारियों को 14,701.56 रुपये की शुद्ध राशि हाथ में मिलेगी। वहीं संबंधित एजेंसी को 2.5 प्रतिशत सेवा शुल्क और उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान किया जाएगा। सभी मदों को मिलाकर प्रति कर्मचारी एजेंसी को कुल भुगतान लगभग 22,981.82 रुपये होगा।
यूपीसीएल के इस फैसले से कर्मचारियों को राहत मिलेगी। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि संशोधित मानदेय से आर्थिक दबाव कुछ हद तक कम होगा और कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा। उम्मीद की जा रही है कि नई वेतन व्यवस्था का लाभ सभी पात्र कर्मचारियों को समय पर मिलेगा और भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसे निर्णय लिए जाएंगे।









