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टेक्स चोरी के खिलाफ राज्य कर विभाग की कार्रवाई: नामी बिल्डर के कार्यालय में छापा मारकर लगभग 1.5 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी का खुलासा

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देहरादून:- टैक्स चोरी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए राज्य कर विभाग ने राजधानी में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक नामी बिल्डर के कार्यालय पर छापा मारकर करीब 1.5 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान ही बिल्डर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए 48 लाख रुपये मौके पर ही जमा करा दिए।

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यह कार्रवाई राज्य कर आयुक्त सोनिका के निर्देश पर की गई। देहरादून संभाग के संयुक्त आयुक्त अनुराग मिश्रा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मंगलवार को राजपुर रोड स्थित कार्यालय में छापेमारी की। करीब तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई में टीम ने दस्तावेजों की गहन जांच कर कई अहम साक्ष्य जुटाए।

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प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बिल्डर ने राज्य के भीतर और बाहर की उन फर्मों से सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री की खरीद दर्शाई, जो वर्तमान में सक्रिय नहीं हैं। इनमें से कई फर्मों का पंजीकरण पहले ही जीएसटी परिषद द्वारा निरस्त किया जा चुका है। इसके बावजूद इन फर्मों के नाम पर खरीद दिखाकर बिल्डर इनपुट टैक्स क्रेडिट  का लाभ ले रहा था और सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहा था।

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जांच के दौरान जब टीम ने साक्ष्य सामने रखे तो बिल्डर ने अनियमितताओं को स्वीकार कर लिया और तुरंत 48 लाख रुपये का जीएसटी जमा कर दिया। हालांकि विभाग का मानना है कि कुल टैक्स चोरी का आंकड़ा इससे कहीं अधिक है और अभी विस्तृत जांच जारी है।

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उपायुक्त विजय कुमार ने बताया कि शुरुआती आकलन में करीब 1.5 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी सामने आई है।

कार्यालय से कब्जे में लिए गए दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और दोष सिद्ध होने पर संबंधित बिल्डर के खिलाफ जुर्माना, ब्याज और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। खासकर रियल एस्टेट सेक्टर में फर्जी बिलिंग और आईटीसी के दुरुपयोग पर कड़ी नजर रखी जा रही है। यह कार्रवाई संकेत है कि अब विभाग डिजिटल निगरानी के जरिए ऐसे मामलों पर तेजी से शिकंजा कस रहा है।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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