Medical
उत्तराखण्डनैनीताल

दिल्ली होटल अग्निकांड के बाद जन सुरक्षा को लेकर सख्ती: जिलाधिकारी के आदेश पर जिले के सभी होटल, मॉल, लॉज और होमस्टे का होगा अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन ऑडिट

ADVERTISEMENTS Ad

दिल्ली होटल अग्निकांड के बाद नैनीताल में जनसुरक्षा को लेकर सख्त

ADVERTISEMENTS Ad

नैनीताल:- दिल्ली में विगत दिनों एक होटल में घटित भीषण अग्निकांड की घटना को देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद में जनसुरक्षा हेतु कड़ा कदम उठाया है।

ADVERTISEMENTS Ad

जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, होमस्टे, वाणिज्यिक मॉल एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं। इसके लिए प्रशासन, अग्निशमन, पुलिस, विद्युत, जल संस्थान एवं जिला विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त निरीक्षण समिति का गठन किया गया है। इस हेतु समिति का गठन करते हुए नगर मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी हल्द्वानी को अपने-अपने क्षेत्रों की समिति का अध्यक्ष नामित किया गया है। समिति में संबंधित क्षेत्रों के पुलिस क्षेत्राधिकारी, नगर आयुक्त नगर निगम, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/सहायक अभियंता विकास प्राधिकरण, विद्युत सुरक्षा/ऊर्जा निगम के प्रतिनिधि के साथ मुख्य अग्निशमन अधिकारी एवं अग्निशमन अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया गया है।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  जिलाधिकारी के निर्देशों पर भीमताल में होम स्टे इकाई का औचक निरीक्षण, तीन पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना, मानकों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
Ad

जिलाधिकारी ने गठित समिति को निर्देशित किया है कि जनपद के सभी होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, होमस्टे, वाणिज्यिक मॉल एवं प्रतिष्ठानों का अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन ऑडिट कर उसकी आख्या 15 दिनों के भीतर कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी की "रबड़ डॉल" योगा गर्ल हर्षिका को जस गोविन पब्लिक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किया सम्मानित, योग के क्षेत्र में उपलब्धि पर 11 हजार रुपये का चेक किया भेंट

नामित समिति द्वारा भवनों में आपातकालीन निकास, विद्युत वायरिंग, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता एवं फायर एनओसी की वैधता की गहन जांच की जाएगी। साथ ही पार्किंग व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्गों की पर्याप्तता, अग्निकांड की स्थिति में राहत एवं बचाव वाहनों की निर्बाध आवाजाही, भवन स्वीकृति मानचित्र एवं वास्तविक निर्माण की स्थिति का भी परीक्षण किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन, गंभीर अनियमितता अथवा जनसुरक्षा के लिए तात्कालिक खतरा पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉