नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी शिक्षक समेत चार लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज, निष्पक्ष जांच करने की मांग
देहरादून:- बीते दिनों दून के एक स्कूल में 11वीं की नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपों के मामले ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। शनिवार को पुलिस ने आरोपी फिजिक्स शिक्षक समेत चार लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें स्कूल प्रबंधक, प्रधानाचार्य और एक अन्य व्यक्ति भी शामिल हैं। वहीं, उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एसपी जया बलोनी से वार्ता कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह का आचरण अक्षम्य है। उन्होंने शिकायत को दबाने और छात्रा पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय प्रबंधन और आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं भी विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण करेंगी और पीड़ित छात्राओं की विशेष काउंसलिंग भी कराई जाएगी।
कंडवाल ने इस बात पर भी रोष जताया कि छात्राओं के साथ लंबे समय से कथित तौर पर हो रहे अनुचित व्यवहार की जानकारी विद्यालय स्तर पर पहले क्यों नहीं सामने आई। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की किसी भी स्तर पर लापरवाही उजागर होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

विद्यालय के प्रधानाचार्य के अनुसार, इस मामले में 15 अक्तूबर को शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद संबंधित शिक्षक को विद्यालय से हटा दिया गया। उधर, आरोपी शिक्षक ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। उसने कहा कि वह करीब 25 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहा है और विद्यार्थियों के साथ अपने बच्चों जैसा व्यवहार करता है।
शिक्षक ने कहा कि यदि किसी बच्चे को लगता है कि उससे कोई गलती हुई है, तो वह इसके लिए क्षमाप्रार्थी है। उसने यह भी बताया कि एक बार छात्रा के देर से आने पर वह उसे प्रधानाचार्य के पास लेकर गया था।
फिलहाल, मामले में पुलिस की जांच और आरोपों की पुष्टि के बाद होने वाली कार्रवाई पर नजर है। महिला आयोग ने भी मामले में त्वरित कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।









