मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना” बनी आत्मनिर्भरता का माध्यम, अब तक तीस महिलाओं को मिला लाभ, 17 महिलाओं ने पशुपालन से की आजीविका शुरू

नैनीताल/हल्द्वानी :- सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित “मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना” आज जनपद नैनीताल की महिलाओं के लिए नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है। यह योजना विशेष रूप से अविवाहित, तलाकशुदा, निराश्रित एवं दिव्यांग एकल महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा लाभार्थियों को 75% तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जबकि शेष 25% राशि स्वयं लाभार्थी द्वारा निवेश की जाती है। योजना के तहत महिलाओं को अधिकतम दो लाख रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें।
बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) हल्द्वानी, नैनीताल शिल्पा जोशी द्वारा अवगत कराया गया कि जिला नैनीताल में इस योजना का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। अब तक 30 महिलाओं को इसका लाभ मिल चुका है, जिनमें से-17 महिलाओं ने पशुपालन (भैंस, गाय एवं बकरी पालन) के माध्यम से अपनी आजीविका शुरू की है
वहीं 13 महिलाओं ने विभिन्न लघु उद्योगों की स्थापना कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं
इन महिलाओं की सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग मिलने पर कोई भी महिला आत्मनिर्भर बन सकती है।
फरवरी माह में योजना की पहली किस्त जारी होने के बाद से ही महिलाओं में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री की इस जनकल्याणकारी पहल ने न केवल महिलाओं को आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है। यह योजना केवल सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के सपने साकार करने का सशक्त माध्यम है।









