उत्तराखण्डदेहरादून

उत्तराखंड में लगातार बढ़ती गर्मी के चलते बिजली की मांग में बढ़ोतरी, यूपीसीएल के लिए आपूर्ति बनाए रखना चुनौती

Ad

देहरादून:- प्रदेश  में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी का
असर अब बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने के साथ ही प्रदेश में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बनाया है। एयर कंडीशनर, कूलर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली खपत में अचानक भारी उछाल आया है, जिससे यूपीसीएल के सामने निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है।

Ad

आंकड़ों के अनुसार मई महीने की शुरुआत में प्रदेश में बिजली की मांग करीब चार करोड़ यूनिट प्रतिदिन थी, जो अब बढ़कर 5.8 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है। केवल पिछले दो दिनों में ही बिजली की मांग 5.3 करोड़ यूनिट से बढ़कर 5.8 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई। ऊर्जा विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि गर्मी का यही दौर जारी रहा तो मई के अंत तक बिजली की मांग छह करोड़ यूनिट के आंकड़े को भी पार कर सकती है।

प्रदेश में मैदानों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक तापमान लगातार बढ़ रहा है। राजधानी देहरादून सहित कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। इसके चलते घरों, कार्यालयों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। खासकर दोपहर और शाम के समय बिजली खपत अपने चरम पर पहुंच रही है।

यूपीसीएल प्रबंधन का कहना है कि फिलहाल राज्य में घोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही है। निगम के पास वर्तमान मांग के मुकाबले लगभग 5.9 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध है, जिससे आपूर्ति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि लगातार बढ़ते लोड के कारण कई क्षेत्रों में ट्रिपिंग और स्थानीय फॉल्ट की समस्याएं सामने आ रही हैं।

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार अत्यधिक गर्मी के चलते ट्रांसफार्मरों और लाइनों पर दबाव बढ़ गया है। कई जगह ओवरलोडिंग के कारण बिजली लाइनें ट्रिप कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अस्थायी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय टीमें लगातार फील्ड में निगरानी कर रही हैं ताकि खराबी आने पर तत्काल सुधार किया जा सके।

यह भी पढ़ें 👉  पुलिस का "ऑपरेशन प्रहार" अभियान जारी, 10 हजार के इनामी गैंगस्टर को किया गिरफ्तार, लंबे समय से चल रहा था फरार

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो बिजली की मांग और अधिक बढ़ सकती है। ऐसे में यूपीसीएल को अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ सकती है, जिससे वित्तीय दबाव भी बढ़ने की संभावना है।

गौरतलब है कि हाल ही में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने यूपीसीएल को बिजली खरीद और ईंधन समायोजन शुल्क (एफपीपीसीए) के मामलों में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए थे। वहीं उपभोक्ताओं को आगामी बिजली बिलों में राहत देने का भी फैसला लिया गया है।

भीषण गर्मी के बीच लोगों की निर्भरता अब पूरी तरह बिजली आधारित उपकरणों पर बढ़ती जा रही है। ऐसे में बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना निगम के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉