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बागेश्वर में वन विभाग को मिला दुर्लभ उल्लू, दोनों आंखों का अलग-अलग रंग देखकर वन विभाग के अधिकारी भी हैरान, नियमित निगरानी और देखभाल जारी

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बागेश्वर:- प्रदेश के बागेश्वर जिले में वन विभाग को एक ऐसा दुर्लभ उल्लू मिला है, जिसकी दोनों आंखों का रंग अलग-अलग है। इस अनोखे उल्लू को देखने के बाद वन विभाग के अधिकारी भी हैरान हैं। फिलहाल वन विभाग ने उसे संरक्षण में लेकर उपचार शुरू कर दिया है और उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

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जानकारी के अनुसार झिरौली लीसा डिपो के समीप नागर गांव में गश्त के दौरान वन दरोगा नितिन कुमार की नजर एक उल्लू पर पड़ी। अन्य उल्लुओं की तुलना में उसका स्वरूप कुछ अलग दिखाई देने पर उन्होंने करीब जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि उल्लू की एक आंख सामान्य रंग की है, जबकि दूसरी आंख नीले रंग की दिखाई दे रही है। साथ ही वह काफी सहमा और असहज भी लग रहा था।

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वन दरोगा उल्लू को सुरक्षित अपने साथ लेकर आए और तत्काल पशु चिकित्सालय में उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। चिकित्सकों ने आंखों की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां और आई ड्रॉप उपलब्ध कराई। इसके बाद उल्लू को वन विभाग कार्यालय लाया गया, जहां उसकी नियमित निगरानी और देखभाल की जा रही है।

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वन विभाग के अनुसार दो बार दवा देने के बाद उल्लू के स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार देखा गया है। रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि उल्लू की उम्र लगभग पांच वर्ष आंकी गई है और उसका उपचार जारी है। वर्तमान में क्विक रिस्पांस टीम में तैनात वन दरोगा तारा सिंह उसकी देखरेख कर रहे हैं। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केके जोशी के अनुसार, यह उल्लू हेटरोक्रोमिया (Heterochromia) नामक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति का उदाहरण है। इस अवस्था में दोनों आंखों में मेलेनिन की मात्रा अलग-अलग होती है, जिसके कारण आंखों का रंग भिन्न दिखाई देता है। यही वजह है कि उल्लू की एक आंख सामान्य रंग की जबकि दूसरी नीले रंग की नजर आ रही है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि हेटरोक्रोमिया कोई बीमारी नहीं है और इससे आमतौर पर पक्षी की देखने की क्षमता प्रभावित नहीं होती। हालांकि वन्यजीवों में इस प्रकार के मामले बेहद कम देखने को मिलते हैं, इसलिए यह उल्लू प्रकृति की एक अनोखी और आकर्षक देन माना जा रहा है।

इस दुर्लभ उल्लू की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, वन्यजीव प्रेमियों और पक्षी विशेषज्ञों में खासा उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिल रही है। लोग इसे देखने और इसके बारे में जानने में रुचि दिखा रहे हैं। वन विभाग का कहना है कि पक्षी के पूरी तरह स्वस्थ होने तक उसकी निगरानी जारी रहेगी।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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