Medical
उत्तराखण्डदेहरादून

शासन ने बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर अल्टीमेटम किया जारी, 20 जनवरी तक अनुपालन अनिवार्य, आदेश न मानने पर होगी सख्त कार्रवाई

ADVERTISEMENTS Ad

देहरादून:- उत्तराखंड के सरकारी विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों और अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए शासन ने बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर अल्टीमेटम जारी कर दिया है। अब यदि किसी ने बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं कराई तो उसे न सिर्फ जनवरी माह, बल्कि आने वाले महीनों के वेतन से भी हाथ धोना पड़ेगा। शासन ने सभी संस्थानों को 20 जनवरी तक अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

ADVERTISEMENTS Ad

शासन ने एक जनवरी 2026 से उच्च शिक्षा संस्थानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने का आदेश जारी किया था। इस संबंध में दो जनवरी 2026 को विधिवत शासनादेश भी जारी हुआ, लेकिन कई विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अब तक इसका पालन नहीं हो सका। इस लापरवाही को गंभीर और खेदजनक मानते हुए उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने उच्च शिक्षा निदेशक और प्रदेश के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 23 अगस्त को प्रस्तावित 358 पदों के लिए परीक्षा को किया स्थगित, एक ही दिन में दो परीक्षा होना मुख्य कारण, संशोधित तिथि जल्द होगी जारी
Ad

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जो अधिकारी, शिक्षक या शिक्षणेत्तर कर्मचारी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत संबंधित कार्मिकों का जनवरी 2026 का वेतन रोके जाने के साथ-साथ आगामी महीनों का वेतन भी आहरित नहीं किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने परिसरों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली का तत्काल प्रभाव से पूर्ण क्रियान्वयन कराएं और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि आदेशों की अवहेलना करने वाले संस्थानों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड मौसम: प्रदेश में अगले दो दिन भारी बारिश की संभावना, देहरादून समेत 5 जिलों में बारिश की चेतावनी के चलते सतर्क रहने की सलाह
Ad

शासन के इस सख्त फैसले के बाद प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि तय समयसीमा के भीतर बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू न करने पर अब शिक्षकों और कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉