एसटीएच में कोरोना का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट, रामपुर जिले की 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला में संक्रमण की पुष्टि, अस्पताल के आइसोलेशन कक्ष में किया भर्ती

हल्द्वानी:- कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया है, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला में सार्स-कोव-2 (कोविड-19) संक्रमण की पुष्टि हुई है। मरीज को तत्काल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। राहत की बात यह है कि महिला की हालत फिलहाल स्थिर है और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं है।
कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण नियंत्रण के सभी मानकों को लागू करते हुए मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित जिलों और स्वास्थ्य अधिकारियों को भी मामले की जानकारी भेज दी गई है।
रामपुर से हल्द्वानी पहुंची महिला की जांच में हुई पुष्टि
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कैमरी बिलासपुर (जिला रामपुर) निवासी 76 वर्षीय जमीला का गले का नमूना (थ्रोट स्वैब) जांच के लिए भेजा गया था। लैब रिपोर्ट में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि होने के बाद महिला को अस्पताल के वार्ड-सी स्थित आइसोलेशन कक्ष में भर्ती कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि मरीज की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है। उसे सांस लेने में किसी प्रकार की गंभीर दिक्कत नहीं है और ऑक्सीजन सहायता की भी आवश्यकता नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
मामले की पुष्टि होते ही अस्पताल प्रशासन ने निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) रामपुर, मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्राचार्य तथा कंट्रोल रूम को जानकारी सूचना भेज दी है।
इसके साथ ही मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी स्वास्थ्य निगरानी शुरू कर दी गई है। संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकने के लिए अस्पताल में आवश्यक एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं।
अस्पताल प्रशासन ने की सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि कोरोना को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी, गले में खराश, जुकाम या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जरूरत पड़ने पर मास्क का उपयोग करने, हाथों की नियमित सफाई रखने और संक्रमण के लक्षण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखने की भी अपील की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की हालात पर नजर
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल यह एक एकल (सिंगल) मामला है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। फिर भी संक्रमण के फैलाव की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग लगातार मरीज की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।










