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सरस आजीवका मेले में दी जैविक खेती के बारे में जानकारी, गुणवत्ता और उत्पादन के बारे में बताया

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हल्द्वानी।  एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित दस दिवसीय सरस आजीविका मेले के दौरान पांचवे दिन बुधवार को कृषि विभाग द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया।

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कार्यशाला में विभाग द्वारा उपस्थित किसानों को जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती के उपयोग एवं भूमि की दूरगामी गुणवत्ता एवं उत्पादन को बढ़ाए जाने के बारे में बताया गया।

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इस अवसर पर कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों सहित जनपद के प्रगतिशील किसानों द्वारा कृषि से सम्बंधित विभिन्न जानकारियां दी गई और इससे होने वाले दीर्घकालिक लाभ के बारे में बताया गया।

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कार्यशाला में मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती ने विभागीय योजनाओं की जानकारी के अतिरिक्त किसानों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही किसान सम्मान निधि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा किसानों को केवाईसी प्रतिवर्ष कराना आवश्यक है। इसलिए काश्तकार सीएचसी सेंटर के माध्यम से पीएम सम्मान निधि में अपना प्रतिवर्ष डाटा अपडेट करें। उन्होंने कहा जिन किसानों को पीएम सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है वे अपना नजदीकी डाटा सेंटर में अपडेशन अवश्य करायें। इसके लिए किसानों का आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना आवश्यक है। कार्यशाला में आए प्रगतिशील किसान नरेन्द्र सिंह मेहरा ने बताया कि जैविक खेती के उपयोग से किसान उत्पाद से दूरगामी लाभ प्राप्त करता है ही, साथ ही उसकी उत्पादन लागत भी 25 से 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है। जैविक खेती भूमि की गुणवत्ता एवं उर्वरता बढ़ाकर, भूमि में कार्बन अवशेष की मात्रा को भी बढ़ाता है। इसके द्वारा फसल की उत्पादकता एवं उत्पादन बढ़ने के साथ ही स्वस्थ फसल प्राप्त होती है। जैविक खेती, खेती की पारम्परिक तरीके को अपनाकर भूमि सुधार कर उसे पुनर्जीवित करने का स्वच्छ तरीका है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती मिट्टी की उर्वरकता और पर्यावरण स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, साथ ही ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में मदद करती है और किसानों की आय में वृद्धि भी करती है। उन्होंने बताया कि जैविक खेती से भूमि की उपजाऊ क्षमता में वृद्धि के साथ ही सिंचाई अंतराल में भी वृद्धि होती है व रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होने से लागत में भी कमी आती है तथा फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होती है और बाज़ार में जैविक उत्पादों की मांग बढ़ने से किसानों की आय में भी वृद्धि होती है।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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