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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण सम्मान, सूची जारी, समर्थकों में खुशी की लहर

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देहरादून:- केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा कर दी है। इस साल कुल 131 प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जिनकी सूची भी जारी कर दी गई है। इस सूची में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का नाम शामिल होना गर्व का विषय बन गया है। भगत सिंह कोश्यारी को पब्लिक अफेयर्स के क्षेत्र में उनके लंबे, समर्पित और प्रभावशाली योगदान के लिए पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जाएगा। इस घोषणा के बाद उत्तराखंड बीजेपी और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई ।

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सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस वर्ष देशभर से 5 विभूतियों को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 व्यक्तियों को पद्मश्री सम्मान देने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में पद्म भूषण के लिए चुने गए नामों में भगत सिंह कोश्यारी का शामिल होना  उत्तराखंड और पूरे पर्वतीय क्षेत्र के लिए सम्मान की बात मानी जा रही है।

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साधारण किसान परिवार से शिखर तक का सफर

भगत सिंह कोश्यारी का जन्म उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में हुआ। वे एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की और शिक्षक के रूप में भी सेवाएं दीं। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे, जिसने आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की नींव रखी।

आपातकाल और उत्तराखंड आंदोलन में निभाई अहम भूमिका

कोश्यारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी से की। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए उन्होंने संघर्ष किया और जेल भी गए। यह दौर उनके राजनीतिक व्यक्तित्व को और अधिक सशक्त करने वाला साबित हुआ। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के समय वे अग्रणी नेताओं में शामिल रहे और अलग राज्य की मांग को प्रभावी ढंग से केंद्र सरकार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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मुख्यमंत्री से राज्यपाल तक संवैधानिक जिम्मेदारियां

राज्य गठन के बाद भगत सिंह कोश्यारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने और सीमित संसाधनों के बावजूद नवगठित राज्य को प्रशासनिक मजबूती देने का प्रयास किया। वे कई बार सांसद रहे और राज्यसभा में भी उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया। बाद में महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में उन्होंने संवैधानिक मर्यादाओं के तहत अपने दायित्वों का निर्वहन किया और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की।

राजनीति के साथ साहित्य और संस्कृति से भी गहरा जुड़ाव

राजनीतिक जीवन के अलावा भगत सिंह कोश्यारी साहित्य और समाजसेवा में भी सक्रिय रहे हैं। वे हिंदी और कुमाऊंनी भाषा के अच्छे लेखक माने जाते हैं। पहाड़, संस्कृति और समाज से जुड़े विषयों पर उनकी कई रचनाएं पाठकों के बीच काफी चर्चित  हैं।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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