Medical
उत्तराखण्डनैनीताल

उप कारागार में बंदियों को शिक्षा से जोड़ने की पहल का परिणाम सकारात्मक, कैदियों को बांटी पुस्तकें

ADVERTISEMENTS Ad

हल्द्वानी:-   बंदियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने की दिशा में शुरू की गई उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की पहल अब सकारात्मक परिणाम देने लगी है। विश्वविद्यालय के हल्द्वानी क्षेत्रीय केंद्र के अंतर्गत संचालित विशेष अध्ययन केंद्र उपकारागार हल्द्वानी में रविवार को पुस्तक वितरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने की।

ADVERTISEMENTS Ad

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में उपकारागार हल्द्वानी में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम से प्रेरित होकर 17 बंदियों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया था। इन्हीं शिक्षार्थियों के लिए सत्र जनवरी 2026 के अंतर्गत पुस्तक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

ADVERTISEMENTS Ad

कार्यक्रम में निदेशक क्षेत्रीय सेवाएं प्रो. गिरिजा पांडे, निदेशक अकादमिक प्रो. पी.डी. पंत, कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट, सहायक क्षेत्रीय निदेशक रेखा बिष्ट, मधु डोगरा सहित कारागार प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS Ad

शिक्षा से जीवन में आएगा सकारात्मक बदलाव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. गिरिजा पांडे ने मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रदेश के सुदूर और वंचित क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे, इसी उद्देश्य के तहत अब जेल में बंद कैदियों तक भी उच्च शिक्षा पहुंचाई जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  नाबालिग की शादी कराने के मामले में पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज, किशोरी को भेजा नारी निकेतन

निदेशक अकादमिक प्रो. पी.डी. पंत ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और उपेक्षित वर्ग तक उच्च शिक्षा पहुंचाना बड़ी चुनौती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय कैदियों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव सहायता करेगा।

कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय समाज के वंचित, उपेक्षित और विशेष आवश्यकता वाले वर्गों तक शिक्षा की अलख जगाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, कोई भी व्यक्ति उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।

कैदियों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विश्वास जताया कि पढ़ाई के माध्यम से बंदियों के जीवन में नया आत्मविश्वास आएगा और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर अपने भविष्य को नई दिशा दे सकेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 23 अगस्त को प्रस्तावित 358 पदों के लिए परीक्षा को किया स्थगित, एक ही दिन में दो परीक्षा होना मुख्य कारण, संशोधित तिथि जल्द होगी जारी

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय शिक्षा को हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है और यह पहल सुधारात्मक शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

उपकारागार लाइब्रेरी को मिलीं 180 पुस्तकें

कार्यक्रम के दौरान कुलपति द्वारा जनवरी 2026 सत्र में पंजीकृत शिक्षार्थियों को अध्ययन सामग्री और पुस्तकें वितरित की गईं। साथ ही उपकारागार की लाइब्रेरी के लिए 180 पुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।

जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बंदियों को शिक्षा का लाभ मिलेगा और उनके जीवन में सकारात्मक सोच विकसित होगी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक क्षेत्रीय निदेशक रेखा बिष्ट ने किया। उन्होंने बताया कि विशेष अध्ययन केंद्र के माध्यम से जेल में बंद कैदियों को विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में निःशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। साथ ही जुलाई सत्र से शुरू होने वाले नए प्रवेशों की जानकारी भी साझा की गई।

इस अवसर पर उपकारागार से नीलम धामी, अमित कुमार, अन्य अधिकारीगण तथा विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक बंदी भी उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉