सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण की जांच में जुटी एसआईटी ने कार्रवाई की तेज, एसएसपी उधमसिंह नगर समेत पांच अधिकारियों को जारी किये नोटिस


हल्द्वानी:- सुखवन्त सिंह आत्महत्या प्रकरण की जांच में जुटी एसआईटी ने कार्रवाई को तेज करते हुए बड़ा कदम उठाया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और मृतक के परिजनों द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर एसआईटी ने एसएसपी उधमसिंहनगर सहित 3 उपनिरीक्षक और 1 अपर उपनिरीक्षक को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई मामले में सामने आए गंभीर आरोपों को देखते हुए की गई है।

पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मृतक सुखवन्त सिंह के साथ कथित भूमि धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के तहत एसआईटी ने रजिस्ट्रार कार्यालय, तहसील कार्यालय और संबंधित बैंकिंग लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए विभिन्न बैंकों को भी नोटिस जारी किए हैं। इन संस्थानों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर भूमि सौदे और वित्तीय वेत्-देन की सत्यता की गहन जांच की जाएगी।
अभिलेखों कब्जे में लेकर किया जा रहा, सूक्ष्म परीक्षण
एसआईटी के सदस्य एवं पुलिस अधीक्षक चंपावत अजय गणपति ने बताया कि घटनाक्रम से संबंधित सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को कब्जे में लेकर उनका सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है। जांच एजेंसी हर उस कड़ी को खंगाल रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आत्महत्या के पीछे किन परिस्थितियों और व्यक्तियों की भूमिका रही।
टेक्निकल सर्विलांस से खंगाले जा रहे सीसीटीवी
एसआईटी की विशेषज्ञ टीम द्वारा टेक्निकल सर्विलांस के माध्यम से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी इनपुट्स का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों, दस्तावेजों तथा लेन-देन को जांच के घेरे में लिया जा सकता है। एसआईटी का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यात्मक हो।
पुलिस मुख्यालय का दावा: किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट प्राधिकारी को सौंपी जाएगी।










