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लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद, शिक्षा विभाग को अनुरोध के आधार पर शासन ने दिया 55 दिन का अतिरिक्त समय

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देहरादून:-  शिक्षकों के तबादलों का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। शासन ने शिक्षा विभाग को अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए 55 दिन का अतिरिक्त समय दे दिया है। कार्मिक विभाग की सहमति के बाद शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने इस संबंध में शिक्षा महानिदेशक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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दरअसल, स्थानांतरण अधिनियम-2017 के तहत सभी विभागों में तबादलों के लिए निर्धारित समय-सारणी तय की गई है। शिक्षा विभाग को भी 10 जून तक स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कर आदेश जारी करने थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद कार्मिक विभाग ने शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों को 20 दिन का अतिरिक्त समय दिया था, जिसके तहत 30 जून तक तबादले किए जाने थे।

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हालांकि अतिरिक्त समय मिलने के बावजूद भी शिक्षा विभाग स्थानांतरण आदेश जारी नहीं कर पाया। इसके बाद विभाग ने स्थानांतरण सत्र 2026-27 के लिए कार्मिक विभाग से 50 दिन का अतिरिक्त समय मांगा था। शासन ने विभागीय आवश्यकताओं को देखते हुए इससे भी अधिक राहत देते हुए 55 दिन का अतिरिक्त समय देने की मंजूरी प्रदान कर दी।

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शिक्षा सचिव रविनाथ रामन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विभागीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण अधिनियम-2017 की धारा 17 (1) (ख) में वर्णित प्रावधानों के तहत अनुरोध आधारित स्थानांतरण किए जाएंगे। शिक्षा महानिदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि नियमानुसार पूरी प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।

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इस बार अनुरोध के आधार पर होने वाले तबादलों में केवल निर्धारित श्रेणियों के कार्मिकों को ही प्राथमिकता मिलेगी। इनमें गंभीर रूप से बीमार एवं दिव्यांग कर्मचारी, पति या पत्नी के गंभीर बीमारी अथवा दिव्यांग होने की स्थिति, मानसिक रूप से दिव्यांग या असहाय बच्चों के माता-पिता, ऐसे सेवारत पति-पत्नी जिनकी इकलौती संतान दिव्यांग हो, प्रदेश सरकार की सेवा में कार्यरत पति-पत्नी के एक स्थान पर तैनाती के अनुरोध, विधवा, विधुर, न्यायालय द्वारा घोषित परित्यक्ता एवं तलाकशुदा कर्मचारी, तथा वरिष्ठ कार्मिक शामिल हैं।

शासन के इस निर्णय के बाद शिक्षा विभाग में स्थानांतरण प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। लंबे समय से पारिवारिक, स्वास्थ्य और सामाजिक कारणों से स्थानांतरण की मांग कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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