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पेयजल अधीक्षण अभियंता के खिलाफ विजिलेंस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश, 10 लाख रुपए रिश्वत लेने का गंभीर आरोप

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देहरादून:- प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। राजधानी देहरादून से जुड़े एक बड़े मामले में पेयजल निगम के अधीक्षण अभियंता सुजीत कुमार विकास के खिलाफ विजिलेंस को प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। उन पर एक ठेकेदार फर्म से रजिस्ट्रेशन के नाम पर 10 लाख रुपये रिश्वत लेने का गंभीर आरोप है।

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मामला पेयजल निगम हल्द्वानी में एक फर्म के पंजीकरण से जुड़ा है। आरोप है कि “हर्ष इंटरप्राइजेज” नाम की फर्म को निगम में रजिस्ट्रेशन दिलाने के एवज में यह रकम ली गई। विजिलेंस की खुली जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सतर्कता समिति ने अब एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।

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जानकारी के मुताबिक, यह रिश्वत राशि जुलाई 2025 में “कुचु पुचु इंटरप्राइजेज” नाम की कंपनी के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में दो-दो लाख रुपये की पांच किश्तों में जमा कराई गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कंपनी की पार्टनर सुजीत कुमार विकास की पत्नी बताई जाती हैं। हालांकि, उस समय उन्होंने इस कंपनी से किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया था।
इस पूरे मामले की जांच का सिलसिला पिछले वर्ष 14 जुलाई 2025 से शुरू हुआ था, जब सुजीत कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए थे। इसके महज दो दिन बाद शासन ने उन्हें, जो उस समय कुमाऊं क्षेत्र में प्रभारी मुख्य अभियंता के पद पर थे, निलंबित भी कर दिया था।

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बताया जा रहा है कि यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2019 में भी सुजीत कुमार विकास की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं, हालांकि बाद में वे बहाल हो गए थे। अब एक बार फिर गंभीर आरोपों में घिरने के बाद उनके खिलाफ शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, सुजीत कुमार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप भी हैं, जिनकी जांच अलग से की जा रही है। विजिलेंस विभाग जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू करेगा।

इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

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