ज्योलिकोट प्रभावितों को राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में निःशुल्क उपचार, आवश्यकता पड़ने पर सुशीला तिवारी अस्पताल किया जाएगा रेफर

नैनीताल/ हल्द्वानी:- मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने अवगत कराया कि ज्योलिकोट प्रभावित क्षेत्र के लोगों को राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, हल्द्वानी में उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। मरीजों से उपचार के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा, चाहे उनके पास आयुष्मान कार्ड हो अथवा नहीं। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्र के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी रेफर किया जायेगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर ज्योलिकोट एवं आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण, जांच एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
बेलवाखान, गांजा एवं ज्योलिकोट में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जहां 87 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार दवाएं वितरित की गईं। इस दौरान 22 लोगों के ब्लड टेस्ट, 69 लोगों की काउंसलिंग तथा 14 लोगों को टेली-कंसल्टेंसी की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त सचल वाहन द्वारा खुपी क्षेत्र में 43 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 34 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से एक मरीज को भर्ती किया गया।

पीने के पानी के सैंपल की जांच
डॉ. परमजीत सिंह, एचओडी मेडिसिन विभाग, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी तथा नंदन कांडपाल, एपिडेमियोलॉजिस्ट, आईडीएसपी नैनीताल द्वारा ज्योलिकोट स्थित नैंसी कॉन्वेंट कॉलेज एवं पीपीजेएसवी विद्यालय में पीने के पानी के क्लोरीनेशन से संबंधित 11 सैंपल लिए गए, जो सही पाए गए। इसके अतिरिक्त हाइड्रोजन सल्फाइड जांच के लिए 2 सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट 24 घंटे बाद आयेगी।
डॉ. परमजीत सिंह ने विद्यालय में भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को विशेष स्वच्छता बनाए रखने, भोजन तैयार करने से पहले एवं बाद में हाथों की साफ-सफाई रखने तथा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी।
उपचार एवं लैब रिपोर्टों का विश्लेषण
डॉ. परमजीत सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में मरीजों को दिए जा रहे उपचार एवं लैब जांच रिपोर्टों का विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि मरीजों को सही दिशा में उपचार दिया जा रहा है तथा जांचों में हेपेटाइटिस-ए के मामले अब काफी कम सामने आ रहे हैं। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों को निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर गंभीर अथवा अधिक लक्षण वाले मरीजों को सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, हल्द्वानी रेफर किया जा सकता है।
होटल एवं होमस्टे संचालकों से भी स्वच्छता की अपील
साथ ही ज्योलिकोट क्षेत्र के होटल एवं होमस्टे संचालकों से अपील की गई है कि वे स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों एवं संबंधित लोगों की स्वास्थ्य जांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में अवश्य कराएं। होटल एवं होमस्टे में पेयजल, भोजन की स्वच्छता तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि जलजनित रोगों के संक्रमण की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाओं का वितरण, जल स्रोतों की जांच, क्लोरीनेशन एवं जनजागरूकता का कार्य किया जा रहा है।
नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील
उबला हुआ पानी पिएं, खाना खाने एवं शौच के बाद साबुन से हाथ अवश्य धोएं, घर एवं आसपास स्वच्छता रखें तथा पानी जमा न होने दें। पर्याप्त पानी, ORS एवं ताजा भोजन का सेवन करें। बच्चों का नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच तथा डायबिटीज एवं ब्लड प्रेशर की स्क्रीनिंग कराएं।
यदि बुखार, भूख कम लगना, आंखों अथवा पेशाब में पीलापन, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट पहुंचकर जांच एवं उपचार कराएं।










