निगम और बोर्डों में कार्यरत कर्मचारियों को बड़ी राहत: राजकीय कर्मचारियों की तर्ज पर मिलेगा बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता, सीएम ने दी मंजूरी

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने निगमों और बोर्डों में कार्यरत कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। उन्हें भी राजकीय कर्मचारियों की तर्ज पर बढ़े हुए महंगाई भत्ते (डीए) का लाभ देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के विभिन्न निगमों और बोर्डों में कार्यरत डेढ़ लाख से अधिक कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। अब इन कर्मचारियों को भी वही महंगाई भत्ता मिलेगा, जो राज्य सरकार पहले ही राजकीय कर्मचारियों के लिए स्वीकृत कर चुकी है। इससे कर्मचारियों की मासिक आय में बढ़ोतरी होगी और बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें आर्थिक राहत भी मिलेगी।
प्रदेश सरकार ने इससे पहले राजकीय कर्मचारियों के लिए बढ़े हुए महंगाई भत्ते के भुगतान के आदेश जारी कर दिए थे। अब मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद यह लाभ निगमों और बोर्डों के उन कर्मचारियों को भी मिलेगा, जिन्हें पांचवें और छठवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन और ग्रेड पे का लाभ दिया जा रहा है।
जारी स्वीकृति के अनुसार 1 जनवरी 2026 से पांचवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं छठवें वेतनमान के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत प्रतिमाह कर दिया गया है।
सरकार के इस फैसले को कर्मचारी हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से निगमों और बोर्डों के कर्मचारी भी राजकीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ते का लाभ दिए जाने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद अब उन्हें भी समान दरों पर डीए का लाभ मिलेगा।









