उत्तराखंड: जल विद्युत परियोजना की टीआरटी (टेल रेस टनल) में गुरुवार शाम बड़ा हादसा, 28 मजदूर थे मौजूद, 22 को बाहर निकाला, 9 मजदूरों की मौत, घायलों का उपचार जारी, सीएम धामी करेंगे आज घटनास्थल का दौरा

चमोली:- प्रदेश के चमोली जिले में निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी (टेल रेस टनल) में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। सरिया वेल्डिंग के दौरान टनल से करीब 150 मीटर दूर हुए भारी भूस्खलन के बाद पानी के साथ पत्थर और मलबा सुरंग में घुस गया। अचानक हुए इस हादसे की चपेट में वहां काम कर रहे कई मजदूर आ गए। हादसे के समय टनल में कुल 28 मजदूर मौजूद थे।
हादसे के बाद शुरू किए गए व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 22 मजदूरों को बाहर निकाला जा चुका है। इनमें नौ मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि घायल मजदूरों का जिला अस्पताल गोपेश्वर में उपचार चल रहा है। एक घायल मजदूर को पीपलकोटी स्थित विवेकानंद धर्मार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक मजदूर को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है। वहीं, छह मजदूर अभी भी टनल के भीतर फंसे बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है।
कल शाम हुआ हादसा, बड़ी मात्रा में टनल में घुसा पानी और मलबा
जानकारी के अनुसार हादसा गुरुवार शाम करीब सात बजे के आसपास हुआ। मजदूर टीआरटी के भीतर सरिया वेल्डिंग का काम कर रहे थे। इसी दौरान कार्यस्थल से करीब 150 मीटर दूर भारी भूस्खलन हुआ। भूस्खलन के साथ बड़ी मात्रा में पानी, पत्थर और मलबा टनल के भीतर जा घुसा, जिससे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए और कुछ के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना तथा अन्य संबंधित बचाव दल मौके पर पहुंचे। इसके बाद टनल के भीतर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
रात करीब नौ बजे तक 13 मजदूरों को घायल अवस्था में टनल से बाहर निकालकर जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया। इसके बाद भी बचाव अभियान लगातार जारी रहा। राहत एवं बचाव दल टनल में मलबा हटाकर अंदर फंसे अन्य मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
आज घटनास्थल पर पहुंचेंगे सीएम पुष्कर सिंह धामी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को पीपलकोटी पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति की समीक्षा करने के साथ ही अधिकारियों से हादसे और अब तक की कार्रवाई की जानकारी लेंगे।
वहीं, जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार भी घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से रेस्क्यू टीमों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
क्या है टीआरटी यानी टेल रेस टनल ?
टीआरटी यानी टेल रेस टनल जल विद्युत परियोजना की एक महत्वपूर्ण भूमिगत सुरंग होती है। पावरहाउस में टरबाइन से बिजली उत्पादन के बाद इस्तेमाल किए गए पानी को बाहर निकालकर मुख्य नदी में प्रवाहित करने का काम इसी सुरंग के माध्यम से किया जाता है। विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना में टीआरटी की लंबाई करीब ढाई किलोमीटर है।
इससे पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा
विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में इससे पहले भी बड़ा हादसा हो चुका है। पिछले साल 31 दिसंबर की देर रात परियोजना की सुरंग के अंदर दो लोको ट्रेन आपस में टकरा गई थीं। उस समय सुरंग में 100 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर काम कर रहे थे। हादसे में करीब 60 लोग घायल हुए थे। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। दुर्घटना के बाद सुरंग में निर्माण कार्य लंबे समय तक प्रभावित रहा था।
प्रोजेक्ट निदेशक बोले- सभी संसाधनों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया
घटना पर प्रोजेक्ट निदेशक शरद कुमार ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि परियोजना प्रबंधन की पहली प्राथमिकता टनल में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए सभी उपलब्ध संसाधनों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। प्रोजेक्ट की मैनेजमेंट टीम भी प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान में जुटी है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा, टनल में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश जारी है।











