Medical
उत्तराखण्ड

लापरवाही करने वाले चालकों पर सख्ती: केंद्र सरकार ने मोटर वाहन नियमों में किया बड़ा बदलाव, एक वर्ष के भीतर पांच बार नियमों का उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस होगा निलंबित अथवा रद्द

ADVERTISEMENTS Ad

नई दिल्ली : बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए बार-बार लापरवाही करने वाले चालकों पर सख्ती करने के लिए केंद्र सरकार ने मोटर वाहन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। बुधवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नए संशोधन के तहत यह प्रावधान  है कि यदि कोई चालक एक वर्ष के भीतर पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित या पूरी तरह रद्द किया जा सकता है।

ADVERTISEMENTS Ad

कार्रवाई से पहले संबंधित चालक को अपना पक्ष रखने का अवसर देना अनिवार्य होगा। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि हर कैलेंडर वर्ष में उल्लंघनों की गिनती नए सिरे से की जाएगी और पिछले वर्ष के मामलों को अगले वर्ष में नहीं जोड़ा जाएगा।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  तबादलों की समय सीमा हुई समाप्त: 1124 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों के किए गए स्थानांतरण, शिक्षा विभाग नहीं कर पाया तय सीमा में तबादले, मांगा 31 जुलाई तक का समय
Ad

अब तक मोटर वाहन नियमों के तहत केवल 24 गंभीर अपराधों – जैसे वाहन चोरी, अपहरण, अत्यधिक तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग या खतरनाक ड्राइविंग की स्थिति में ही लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान था। लेकिन नए नियमों के तहत अब हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, रेड लाइट जंप करना, गलत लेन में वाहन चलाना जैसे सामान्य लेकिन खतरनाक उल्लंघन भी यदि एक साल में पांच बार किए जाते हैं, तो चालक के लिए भारी पड़ सकते हैं।

अधिसूचना में चालान की प्रक्रिया को भी विस्तार से स्पष्ट किया गया है। ट्रैफिक पुलिस के वर्दीधारी कर्मी या अधिकृत अधिकारी मौके पर चालान काट सकेंगे। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों और अन्य निगरानी उपकरणों के माध्यम से ऑटो-जेनरेटेड ई-चालान भी वाहन मालिकों को भेजे जाएंगे। चालक को 45 दिनों के भीतर चालान का भुगतान करना होगा या फिर अदालत में इसे चुनौती देनी होगी। यदि निर्धारित समय में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो यह माना जाएगा कि चालक ने उल्लंघन स्वीकार कर लिया है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर: 22 जुलाई से होगी सुधार परीक्षा, हाई स्कूल और इंटर में फेल हुए छात्रों को दोबारा परीक्षा देकर पास होने का मिलेगा अवसर

इस नए नियम को लेकर विशेषज्ञों के बीच बहस भी शुरू हो गई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और आदतन नियम तोड़ने वालों में डर पैदा होगा। वहीं, कुछ लोग इसे अत्यधिक सख्त कदम बता रहे हैं।

पूर्व डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अनिल छिकारा ने इस फैसले को सड़क सुरक्षा की दिशा में सही कदम बताया। हालांकि,उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सीसीटीवी कैमरों के जरिए जारी होने वाले ई-चालान कई बार विवादों में आ जाते हैं, इसलिए सरकार को इसके लिए एक पारदर्शी, स्पष्ट और मजबूत मानक प्रक्रिया तय करनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉