Medical
उत्तराखण्ड

पवित्र चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू, सरकार और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां पूरी, लाखों की संख्या में देश-विदेश से पहुंचेंगे श्रद्धालु

ADVERTISEMENTS Ad

देहरादून:-  पवित्र चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।

ADVERTISEMENTS Ad

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान ठंड, ऊंचाई और ऑक्सीजन की कमी सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 13 भाषाओं में विशेष एडवाइजरी जारी की है, ताकि हर यात्री अपनी सेहत को लेकर सजग रह सके।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  सांसद अजय भट्ट ने किया विरासत स्टोर का शुभारंभ, वोकल फॉर लोकल' को साकार रूप देने में गिरीश कांडपाल का योगदान सराहनीय
Ad

चारधाम यात्रा मार्ग पर इस बार चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया गया है। 25 विशेषज्ञ डॉक्टर, 178 मेडिकलअधिकारी और 414 पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। इसके साथ ही रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 47 स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट भी बनाए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके।

श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच के लिए देहरादून, हरिद्वार समेत पांच जिलों में 57 स्क्रीनिंग कियोस्क स्थापित किएगए हैं। यहां उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों की जांच की जाएगी। इसके अलावा 112, 108 और 104 हेल्पलाइन नंबर चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे, जबकि 104 हेल्पलाइन के जरिए हाई रिस्क यात्रियों की लगातार निगरानी भी की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में मानसून देरी से आने की संभावना, गर्मी और उमस ने लोगों को किया परेशान, हल्की बारिश से लोगों को मिली राहत

चारों धामों में मौसम का मिजाज पल-पल बदलता है, जिससे यात्रा के दौरान जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों को गरम कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां साथ रखने की सलाह दी गई है। पैदल यात्रा के दौरान हर दो से तीन किलोमीटर पर विश्राम करना और शरीर को ज्यादा थकान से बचाना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉